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बेडरूम में पहले घुसी गाय, पीछे-पीछे आ गया सांड, दो घंटे तक अलमारी में बंद रही महिला

फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी में राकेश साहू के घर में पहले एक गाय घुस गई . उसके पीछे-पीछे एक सांड भी आ गया. दोनों पशु बेडरूम तक पहुंच गए और बिस्तर पर चढ़ गए. डर के मारे राकेश की पत्नी ने खुद को अलमारी में बंद कर लिया. राकेश की मां ने जब देखा कि घर में  पशु घुसे हुए हैं. तो उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी.

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काफी मशक्कत के बाद दोनों पशुओं को घर से निकाला गया
काफी मशक्कत के बाद दोनों पशुओं को घर से निकाला गया

हरियाणा के फरीदाबाद में एक अजीब वाकया हुआ. यहां एक घर के बेडरूम में गाय और सांड घुस गए. करीब 2 घंटे तक वहीं डटे रहे. घर में मौजूद महिला डर के मारे खुद को अलमारी में बंद कर लिया. बाद में पड़ोसियों  ने काफी मशक्कत कर दोनों पशुओं को घर से बाहर निकला.

मामला फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी का है. यहां राकेश साहू अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं.इस समय बच्चे रिश्तेदार के यहां गए हुए हैं. बुधवार को सुबह राकेश की माता जी किसी काम से घर से बाहर गई थी, घर का दरवाजा खुला रह गया. राकेश की पत्नी पूजा कर रही थी तभी गाय उनके घर में घुस गई . गाय के पीछे ही एक सांड भी आ गया. दोनों पशु बेडरूम तक पहुंच गए और बिस्तर पर चढ़ गए. डर के मारे राकेश की पत्नी ने खुद को अलमारी में बंद कर लिया. कुछ देर बाद जब राकेश की मां लौटीं तो उन्होंने देखा कि घर में  पशु घुसे हुए हैं. जिसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी. 

 सभी लोग इकट्ठा होकर दोनों पशुओं को निकालने के लिए प्रयास करने लगे, लेकिन इतनी भीड़ देखकर पशु घर से बाहर नहीं निकल रहे थे. इसके बाद उन पर पानी डालने से लेकर पटाखे चलाने तक की सभी तरकीब अपनाई गई, लेकिन पशु बाहर नहीं निकले. 
दूसरी तरफ राकेश की पत्नी जो कि खुद को अलमारी में बंद किए हुए थी वह भी बेहद परेशान हो गई. जब कोई तरीका काम नहीं आया तब एक पड़ोसी अपने पालतू कुत्ते को लेकर वहां पहुंचा और जब कुत्ते ने भौंकना शुरू कर तो एक-एक कर दोनों पशु घर से बाहर निकल गए.

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अभी कुछ दिन पहली ही नगर निगम के पूर्व कर्मचारी को सांड ने टक्कर मारी थी, जिसके चलते उनके सिर पर चोट लगी और कई दिन तक उपचाराधीन रहने के बाद उनकी मौत हो गई. बता दें कि जनवरी में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने भी नगर निगम फरीदाबाद को आदेश दिया था कि अगले 30 दिनों में शहर को आवारा पशुओं से मुक्त किया जाए लेकिन नगर निगम अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ.

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