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SIR का तीसरा चरण जल्द होगा शुरू, 22 राज्य होंगे शामिल

चुनाव आयोग 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तीसरे चरण को शुरू करने की तैयारी में है. इस चरण में करीब 40 करोड़ मतदाता शामिल होंगे.

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अब तक SIR को 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित किया जा चुका है. (File photo: ITG)
अब तक SIR को 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित किया जा चुका है. (File photo: ITG)

चुनाव आयोग जल्द ही में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तीसरे चरण को शुरू करने जा रहा है, अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि इसमें 22 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हो सकते हैं, जिनमें लगभग 40 करोड़ मतदाता होंगे.

केरलम, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों की वजह से आयोग ने इस प्रक्रिया को फिलहाल रोक था. अब चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आने वाले दिनों में इसे शुरू किया जा सकता है.

अब तक, एसआईआर को 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित किया जा चुका है. इनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरलम, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा और बिहार शामिल है.

19 फरवरी को चुनाव आयोग ने दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एसआईआर से संबंधित तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा था. एक बार यह प्रक्रिया पूरा हो जाने पर, सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसके दायरे में आ जाएंगे. 

पिछले साल जून में दी थी चुनाव आयोग ने जानकारी

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चुनाव आयोग ने आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा, नगर हवेली, दमन, दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में बताया कि देशभर में मतदाता सूची के एसआईआर का आदेश पिछले साल जून में दिया गया था.

इस बीच, एसआईआर प्रक्रिया को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने गंभीर सवाल उठाए हैं. पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का असर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पड़ा है.

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ममता बनर्जी और अन्य याचिकाकर्ता एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण चुनाव नतीजों के प्रभावित होने के दावों को लेकर नई याचिकाएं दाखिल कर सकते हैं.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. इस दौरान टीएमसी की ओर से पेश हुए लोकसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने अदालत में कहा कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों ने विधानसभा चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया है.

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