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झूठे दस्तावेज, हवाला लेन-देन पर 111 पार्टियों पर चुनाव आयोग का एक्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने खुद ऐसे गैर-मान्यता प्राप्त दलों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई और अब कार्रवाई तेज कर दी गई है. ECI का कहना है कि आयोग के नियमों की उल्लंघन करते पाए जाने पर 2100 से ज्यादा राजनीतिक दलों को चिह्नित किया है.

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चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में पंजीकृत पार्टियों के खिलाफ यह दूसरी ऐसी कार्रवाई है. चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में पंजीकृत पार्टियों के खिलाफ यह दूसरी ऐसी कार्रवाई है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • CEC ने खुद ऐसे दलों के बारे में जानकारी जुटाई
  • नियमों का उल्लंघन करने वालीं 2100 पार्टियां चिह्नित

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) जल्द ही उन राजनीतिक दलों पर कार्रवाई करने जा रहा है, जो अधूरे, झूठे दस्तावेज, हवाला लेन-देन और अवैध टैक्स लाभ लेने जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं. इन दलों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश तक के राजनीतिक दल चुनाव आयोग के रडार पर हैं. शुरुआत में चुनाव आयोग ने 111 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को हटाने का आदेश दिया है.

चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में पंजीकृत पार्टियों के खिलाफ यह दूसरी ऐसी कार्रवाई है जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन करते पाए जाने पर की गई है. इससे पहले 25 मई को ECI ने 87 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को हटा दिया था.

2100 पार्टियों पर कार्रवाई की रडार पर

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने खुद ऐसे गैर-मान्यता प्राप्त दलों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई और अब कार्रवाई तेज कर दी गई है. ECI का कहना है कि आयोग के नियमों की उल्लंघन करते पाए जाने पर 2100 से ज्यादा राजनीतिक दलों को चिह्नित किया है. इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इन पार्टियों में उत्तर प्रदेश में जन राज्य पार्टी, महाराष्ट्र में जनतावादी कांग्रेस पार्टी, तमिलनाडु में कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची शामिल है.

राजनीतिक व्यवस्था साफ करने का अभियान...

आजतक से बातचीत में चुनाव आयोग के एक सूत्र ने कहा- इस साल मई से हमने राजनीतिक व्यवस्था को साफ करने के लिए एक अभियान शुरू किया है. हमने उन पार्टियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है जो धोखाधड़ी में संलिप्त हैं. हमारी जांच एक सतत प्रक्रिया है. हम पूरी व्यवस्था को साफ करेंगे. 

अधिकांश पार्टियां अवैध गतिविधियों में संलिप्त

चुनाव आयोग के सूत्र ने कहा- देशभर में राजनीतिक दल आयकर अधिनियम की धारा 13 ए के तहत टैक्स लाभ का दावा करते हैं. हालांकि जांच में पाया गया है कि अधिकांश दल अवैध गतिविधियों में लिप्त रहे हैं. आयोग के सूत्र ने कहा कि इन पार्टियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अन्य एजेंसियों द्वारा भी की जानी चाहिए.

टैक्स छूट का झूठा दावा करने वाली पार्टियां निशाने पर

राजनीतिक दलों को आईटी अधिनियम की धारा 13 ए के तहत चंदे पर पूरी तरह आयकर छूट मिलती है. चंदा देने वालों को आयकर अधिनियम की धारा 80GGB और 80 GGC के तहत दान की गई राशि की पूरी कटौती मिलती है. आजतक को इन पार्टियों के खातों की जांच से पता चला है कि अधिकांश राजनीतिक दलों ने सालाना ऑडिट खातों में कोई निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया है. इसमें आय / व्यय खाते या बैलेंस शीट, कैश फ्लो स्टेटमेंट की डिटेल नहीं है. अधिकांश पार्टियों द्वारा कंट्रीब्यूशन रिपोर्ट के साथ डोनर लिस्ट में कंपलीट डिटेल तक जमा नहीं की गई है. यानी अनियमितताओं के बावजूद ये पार्टियां साल-दर-साल आईटी अधिनियम की धारा 13 ए के तहत करोड़ों रुपए के टैक्स लाभ का दावा कर रही हैं. चुनाव आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) से इन पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है.

चुनाव आयोग ने ऐसे पकड़ी गड़बड़ी

उत्तर प्रदेश में जन राज्य पार्टी: यूपी में इस पार्टी को वित्त वर्ष 2020-21 में 2,67,68,803 रुपए का चंदा मिला. इसके अलावा, वित्त वर्ष 2019-20 में 3,35,11,740 और वित्त वर्ष 2018-19 में 3,00,48,000 रुपये और वित्त वर्ष 17-18 में 2,61,96,602 का डोनेशन मिला. इन चार वर्षों में इस पार्टी को कुल 11,65,25,145 रुपये का चंदा मिला. ये डोनेशन देशभर से मिला है. दानदाताओं की सूची को लेखा-परीक्षा रिपोर्ट के साथ संलग्न किया गया था, फिर भी 24ए के रूप में योगदान रिपोर्ट नहीं दी गई. जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29सी के तहत जरूरी थी. पार्टी तीन साल- यानी वित्त वर्ष 2017-2018, 2018-2019 और 2019-2020 के लिए कंट्रीब्यूशन रिपोर्ट के लिए डिफॉल्टर्स की सूची में है. पेपर्स में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता को रविशंकर सिंह यादव पुत्र हरिराम सिंह यादव के रूप में दिखाया गया है. इस पार्टी ने कंट्रीब्यूशन रिपोर्ट दाखिल किए बिना ही सीबीडीटी से कर छूट का दावा किया है.

महाराष्ट्र में जनतावादी कांग्रेस पार्टी: इस पार्टी को लेकर भी बड़ी अनियमितता सामने आई है. इस पार्टी ने जो दस्तावेज जमा किए हैं, उसके मुताबिक, एक ही व्यक्ति के द्वारा 3 पार्टियों को चलाए जाने के संकेत मिले हैं. जो सीए जनतावादी कांग्रेस पार्टी का काम देखता है, उसी व्यक्ति ने सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्टी के लेखा परीक्षक के रूप में किया है, जिसका मुख्यालय भी महाराष्ट्र में है. दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों पार्टियों का ऑडिटर एक ही तारीख यानी 5 जनवरी 2021 को नियुक्त किया गया था और दोनों पार्टियों द्वारा उन्हें ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने वाले पत्रों में एक ही रेफरी थी. यानी दोनों ही पार्टियों को एक ही ग्रुप संचालित कर रहा है.

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