scorecardresearch
 

दिल्ली, लखनऊ, भोपाल... डरावने भूकंप से कांपा उत्तर भारत, 30 सेकंड तक हिलती रही धरती, तस्वीरों में देखें मंजर

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, श्रीनगर, शिमला, मंडी, देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, मसूरी, अमृतसर, मोगा, बठिंडा, मानसा, पठानकोट, जालंधर, गुरदासपुर, होशियारपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, शामली, लखनऊ समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए. ये झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में आ गए. वे अपने अपने घरों से बाहर निकल आए.

Advertisement
X
नोएडा में भूकंप के बाद घरों से बाहर निकले लोग
नोएडा में भूकंप के बाद घरों से बाहर निकले लोग

भारत में मंगलवार रात को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र था. रात करीब 10.20 पर आए रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.6 थी. भूकंप का असर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत में रहा. इन झटकों के बाद लोग दहशत में आ गए और अपने अपने घरों से बाहर आ गए. हालांकि, गनीमत रही कि अब तक देश से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई.  

कहां किन शहरों में महसूस किए गए झटके?

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, श्रीनगर, शिमला, मंडी, देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, मसूरी, अमृतसर, मोगा, बठिंडा, मानसा, पठानकोट, जालंधर, गुरदासपुर, होशियारपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, शामली, लखनऊ, ग्वालियर समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए. ये झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में आ गए. वे अपने अपने घरों से बाहर निकल आए. 

 

 

पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए

भारत का सबसे ज्यादा असर दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिला.भूकंप के बाद लोग अपने घरों से निकलकर बाहर आ गए. यही हाल हाई राइज इमारतों का रहा. लोग अपने अपने अपार्टमेंट से निकलकर बाहर आ गए.
 



दहशत में आने वालों में बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे भी थे जबकि कुछ लोग अपने पालतू जानवरों को भी अपने साथ लेकर निकले. 

Advertisement

पढ़ें: Earthquake: ये MAP दिखाएगा आपको भारत में आने वाले भूकंपों का सच, क्यों इतना कांपता है दिल्ली-NCR
 

लोगों ने बताई अपनी आपबीती

दिल्ली की फ्रेंड्स कॉलोनी की रहने वाली विद्या भल्ला कहती हैं कि उन्हें पहले भी कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं, लेकिन इस बार ये सबसे तेज थे. हमारी बिल्डिंग से सभी लोग घर के बाहर निकल आए. मैं भी अपने बच्चों के साथ अपार्टमेंट से बाहर निकली. अब हमें सोने से भी डर लग रहा है. 

लाजपत नगर की रहने वाली ज्योती ने बताया कि वे टीवी देख रही थीं, अचानक उन्हें लगा कि उनका सोफा हिलने लगा. इसके बाद सामने देखा, तो टीवी हिलती हुई महसूस हो रही थी. शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन थोड़ी देर बाद वे अपने पति के साथ घर के बाहर आ गईं. 

 

 लोगों ने अपने अपने घरों से वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए. इनमें साफ देखा जा सकता है कि लोगों के घरों पर पंखे और अन्य सामान हिल रहा था.
 



लोगों ने अपने अपने रिश्तेदारों को फोन कर उनका हालचाल जाना. 

नोएडा में भी यही हाल रहा. लोग भूकंप के झटकों के बाद लोग अपने घरों से बाहर आ गए. इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे. लोगों ने अपने अपने अपार्टमेंट्स से उतरने के लिए लिफ्ट का सहारा न लेकर सीढ़ियों का इस्तेमाल किया. ऊपर की मंजिलों पर रहने वाले लोगों के लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण भी रहा. उधर, शिमला और मंडी में भी लोग अपने घरों से बाहर आ गए. 

Advertisement

पाकिस्तान में 9 तो अफगाानिस्तान में 2 की जान गई

पाकिस्तान में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, क्वेटा, पेशावर, कोहाट समेत कई शहरों में ये झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदू कुश था, जो पाकिस्तान से 180 किलोमीटर दूर था. पाकिस्तान में भूकंप से संबंधित घटनाओं में 9 लोगों के मारे जाने की खबर है. जबकि 180 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं. 

कई जगह घरों को भी नुकसान पहुंचा है. ऐसे में प्रशासन ने रेस्क्यू् अभियान चलाया.देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए शक्तिशाली भूकंप के चलते स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल कादिर पटेल ने पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया. पाकिस्तान में इस भूकंप के बाद 3.7 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी महसूस किया गया.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अफगानिस्तान में एक बच्चे समेत दो लोगों की मौत हुई है. तालिबानी सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. काबुल के रहने वाले नूर मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने रात में सड़क पर टेंट लगाया और पूरी रात बच्चों के साथ इसी में रहे. उन्होंने बताया कि भूकंप के झटके इतने तेज थे कि पूरी रात हम घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाए. 

Advertisement

अफगानिस्तान में पिछले साल जून में भूकंप आया था. इसमें 1000 लोगों की मौत हो गई थी. हजारों लोग बेघर हो गए थे, तब भूकंप की तीव्रता 5.9 थी. इससे पहले फरवरी में तुर्की और सीरिया में आए भूकंप में 55000 लोगों की मौत हो गई थी. दोनों देशों में लाखों इमारतें जमींदोज हो गई थीं.
 


 

Advertisement
Advertisement