हाल के दिनों में लगातार हुए विमान हादसों ने फ्लाइट यात्राओं को लेकर सुरक्षा चिंता बढ़ा दी है. इस बीच DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स (NSOPs) के लिए कड़े नियमों का ऐलान किया है. DGCA ने साफ कहा है कि सुरक्षा में चूक के लिए केवल पायलटों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि संस्थागत स्तर पर जवाबदेही तय होगी.
स्पेशल ऑडिट में कई खामियां पाए जाने के बाद DGCA ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (VSR Ventures Pvt Ltd) के चार विमानों को ग्राउंड कर दिया है. इसी कंपनी का विमान 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी.
झारखंड में एक और नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर के विमान हादसे में सात लोगों की मौत के एक दिन बाद DGCA ने मंगलवार को ऐसे सभी ऑपरेटर्स के साथ बैठक की. नियामक ने बयान में कहा कि हाल के दिनों में फ्लाइट की घटनाओं में आई बढ़ोतरी को देखते हुए यह बैठक बुलाई गई, ताकि पूरे सेक्टर में सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत को अंडरलाइन किया जा सके. इसी दिन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पवन हंस का एक हेलीकॉप्टर समुद्र में गिर गया था, जिसमें सवार सातों लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया.
DGCA ने मंगलवार को जारी कड़े उपायों की घोषणा करते हुए कहा कि NSOPs के जवाबदेह प्रबंधक और सीनियर लीडरशिप को संस्थागत तरीके से व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा. DGCA ने दोहराया कि 'सुरक्षा चूक का ठीकरा केवल पायलटों पर नहीं फोड़ा जा सकता.' अनधिकृत संचालन या डेटा में हेरफेर का पता लगाने के लिए DGCA अब कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) की रैंडम और अधिक गहराई से जांच करेगा. इसके अलावा ADS-B (ऑटोमैटिक डिपेंडेंट सर्विलांस-ब्रॉडकास्ट) डेटा, ईंधन रिकॉर्ड और विमानों के तकनीकी लॉग की क्रॉस-वेरिफिकेशन भी की जाएगी.
नए निर्देशों के तहत ऑपरेटर्स को अपनी वेबसाइट पर महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारी सार्वजनिक करनी होगी, जिसमें विमान की आयु, रखरखाव की हिस्ट्री और पायलटों का अनुभव शामिल होगा, साथ ही सभी NSOPs के लिए एक सुरक्षा रैंकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा. DGCA इन सिक्योरिटी रैंकिंग्स और उनके मानदंडों को अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से जारी करेगा, ताकि यात्रियों को पारदर्शी जानकारी मिल सके.