राजधानी दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में प्रदूषण का लेवल लगातार बढ़ता जा रहा है. दिवाली से पहले ही कई इलाकों की हवा जहरीली हो रही है. दिल्लीवालों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है. इसके साथ ही आंखों में जलन की समस्या है. दिल्ली में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रैप 2 भी लागू है. दिन पर दिन दिल्ली की हवाएं भी दमघोंटू होते जा रही हैं.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज सुबह 8 बजे के करीब दिल्ली का औसत एक्यूआई 356 मापा गया है और अधिकतर इलाकों का एक्यूआई भी 300 के पार बना हुआ है.
दिवाली से पहले ही बिगड़ने लगी हवा
अलीपुर- 403
आनंद विहार- 406
बवाना- 404
जहांगीरपुरी- 414
नेहरू नगर- 408
सोनिया विहार- 401
विवेक विहार- 404
आईटीओ- 367
इंडिया गेट- 374
डीयू नॉर्थ कैंपस- 370
कैसी है आपके शहर की एयर क्वालिटी, यहां कीजिए चेक
| दिल्ली के इलाके | AQI |
| अलीपुर | 406 |
| आनंद विहार | 406 |
| अशोक विहार | 387 |
| आया नगर | 342 |
| बवाना | 411 |
| बुराड़ी | - |
| चांदनी चौक | 320 |
| DTU | 324 |
| डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज | 352 |
| द्वारका सेक्टर-8 | 348 |
| आईजीआई एयरपोर्ट | 334 |
| दिलशाद गार्डन | 280 |
| आईटीओ | 370 |
| जहांगीरपुरी | 418 |
| जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम | 306 |
| मेजर ध्यान चंद स्टेडियम | 380 |
| मंदिर मार्ग | 359 |
| मुंडका | 372 |
| द्वारका एनएसआईटी | 346 |
| नजफगढ़ | 276 |
| नरेला | 368 |
| नेहरू नगर | 412 |
| नॉर्थ कैंपस | 372 |
| ओखला फेस-2 | 356 |
| पटपड़गंज | 384 |
| पंजाबी बाग | 374 |
| पूसा DPCC | 213 |
| पूसा IMD | 337 |
| आरके पुरम | - |
| रोहिणी | 386 |
| शादीपुर | 347 |
| सिरीफोर्ट | 338 |
| सोनिया विहार | 403 |
| अरबिंदो मार्ग | 326 |
| विवेक विहार | 404 |
| वजीरपुर | 397 |
कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी?
अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. इसी के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप श्रेणी की पाबंदियां लगाई जाती हैं. आपको बता दें ग्रैप-2 लागू होने के बाद 5 प्रमुख पाबंदियां भी लग गई हैं.
क्या होता है ग्रैप?
ग्रैप का मतलब GRAP से है. GRAP का फुल फॉर्म ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान है. ये सरकार की एक योजना है, जिसे दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ बनाया गया है. इस प्लान के जरिए प्रदूषण को कंट्रोल किया जाता है. दरअसल, इसके कई चरण हैं और ये चरण भी बढ़ते प्रदूषण के साथ बढ़ते जाते हैं. जैसे जैसे चरण बढ़ते हैं, वैसे वैसे दिल्ली में पाबंदियां भी बढ़ती जाती हैं.
GRAP के 4 चरण होते हैं
प्रदूषण से बचाव के उपाय
प्रदूषण से बचने के लिए घर से बाहर निकलने पर अपने मुंह और नाक को अच्छे से ढंक लें या मास्क लगा कर निकलें. आंखों की एलर्जी से बचने के लिए आंखों पर चश्मा लगाकर निकलें. ज्यादा प्रदूषण में घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें. वहीं, घर के बच्चे और बुजुर्गों को बाहर निकलने से रोके. ऐसे में पार्क में खेलने जाने वाले बच्चों को घर पर ही इनडोर गेम्स खेलने को कहें. अगर आप मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर जाते हैं तो कुछ दिन बाहर न जाएं, नहीं तो ज्यादा प्रदूषण में सांस संबंधी समस्या हो सकती है.