Snowfall Alert (File Photo- PTI) फरवरी महीने के शुरुआत में पूरे उत्तर भारत में मौसम ने करवट ले ली है. मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है. जिसके असर से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का सीधा असर मैदानी क्षेत्रों की हवा पर पड़ रहा है. उत्तर-पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाएं दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी यूपी तक पहुंच रही हैं. जिससे ठंड बढ़ रही है.
IMD के मुताबिक, मौसम में परिवर्तन अचानक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से है. मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि दो जनवरी से लेकर पांच जनवरी तक दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के ज़्यादातर मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा नीचे गिर सकता है. जिससे ठिठुरन बढ़ने के आसार हैं.
वहीं, कश्मीर से लेकर लद्दाख तक पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी है. भारी बर्फबारी की वजह से दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर दुश्वारियां बढ़ गई हैं. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो फरवरी के पहले हफ्ते में तीन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से मौसम के मिजाज में बदलाव का दौर जारी रहेगा.
दिल्ली में 3 फरवरी को सुबह के समय घना कोहरे छाया रह सकता है.टेंम्प्रेचर की बात करें तो कल अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. IMD ने दिल्ली में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है.
उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में एक बार फिर ज़ोरदार बर्फबारी हुई है. बाबा केदार के मंदिर परिसर में करीब 3 फीट तक बर्फ जम चुकी है. केदारधाम की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर कई इंच मोटी बर्फ जमी है. ITBP के जवान लगातार सड़कों से बर्फ हटाने में जुटे हैं. उत्तरकाशी की बात करें तो यमुनोत्री धाम मंदिर क्षेत्र में भी जमकर बर्फबारी हुई है. आसमान से रूई की तरह गिर रहा बर्फ मंदिर की खूबसूरती में चार-चांद लगा रहा है. मौसम विभाग ने हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ तेज़ हवाओं और खराब मौसम की चेतावनी भी जारी की है. तीन पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फबारी का अलर्ट है.
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर जारी है. फरवरी महीने की शुरुआत पर भी पर्यटन नगरी के ऊपरी इलाकों में रविवार शाम को बर्फबारी हुई. डलहौजी के सबसे ऊपरी इलाके डायनकुंड जो समुद्र तल से लगभग 2900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है ,वहां बर्फ से ढके पहाड़ों का खूबसूरत नज़ारा मनमोहक लग रहा है, जिसका पर्टयक खूब आनंद ले रहे हैं.
IMD के मुताबिक, दिन में मौसम साफ रह सकता है. अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की उम्मीद है.
पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल के ऊंचे इलाकों में बर्फ़बारी की भी संभावना है. पहाड़ों पर फिलहाल बर्फ़बारी से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग (IMD) ने संभावना जताई है कि 5 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ी इलाकों में बर्फ़बारी होगी. उत्तर से आने वाली हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ाएंगी लेकिन पहले सप्ताह के बाद फिर न्यूनतम और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी.
IMD के मुताबिक, जनवरी महीने में तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए. जिसके चलते पहाड़ों पर बर्फ़बारी हुई तो मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि के साथबारिश भी देखने को मिली है. अब यह सिलसिला फ़रवरी महीने में भी जारी है. फ़रवरी के पहले सप्ताह में ही तीन पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय हो रहे हैं. जिसकी वजह से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में न सिर्फ़ हल्की से मध्यम और कहीं कहीं भारी बर्फ़बारी होगी बल्कि उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है.
दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे की वजह से कई जगह विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम देखी गई है. वहीं, उत्तर भारत के कई इलाकों में अचानक से तापमान गिरा है. उत्तर पश्चिम भारत से लेकर के मध्य भारत के मैदानी इलाकों तक ठिठुरन बढ़ी है. मौसम में परिवर्तन अचानक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से है. मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि दो जनवरी से लेकर पांच जनवरी तक दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के ज़्यादातर मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा नीचे गिर सकता है. जिससे ठिठुरन बढ़ने के आसार हैं.
कश्मीर में कड़ाके की ठंड जारी है. श्रीनगर के प्रसिद्ध दल झील पर पर्यटक ठंडी हवा का मजा ले रहे हैं. लोग गर्म कपड़े पहनकर ठंड से खुद को बचा रहे हैं और झील के खूबसूरत नजारे देख रहे हैं. कोल्ड वेव के कारण श्रीनगर में तापमान काफी कम है. मौसम विभाग के अनुसार, यहां न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस के आसपास या इससे नीचे रह रहा है. ठंड के बावजूद पर्यटक दल झील पर शिकारा सवारी कर रहे हैं और सर्दियों की खूबसूरती का आनंद उठा रहे हैं.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, महिपालपुर क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 134 दर्ज किया गया है. यह 'मॉडरेट' यानी मध्यम कैटेगरी में आता है. मतलब हवा की क्वालिटी ठीक-ठाक है. जबकि दिल्ली के कई इलाकों में AQI खराब कैटेगरी में भी है, जैसे द्वारका के कुछ सेक्टरों में AQI 243 दर्ज किया गया है.
कोहरे की वजह से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी हुई है. सुबह के समय घने कोहरे के कारण लोगों को दफ्तर आने-जाने में परेशानी हो रही है. कई जगहों पर विजिबिलिटी (देखने की दूरी) बहुत कम हो गई है, जिससे सड़कों पर गाड़ियां धीरे-धीरे चल रही हैं.
दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा घना कोहरा है. जिसकी वजह से विजिबिलिटी काफी कम है. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) के पास महिपालपुर इलाके मेंबहुत घना कोहरा है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सोमवार, 2 फरवरी की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई. दिन चढ़ने के बाद भी कोहरा कम होता नहीं दिख रहा है. सड़कों पर धुंध छाई हुई है. कम विजिबिलिटी की वजह से यातायात प्रभावित है.