दिल्ली-एनसीआर में धुंध की चादर छाई हुई है. प्रदूषण से राजधानी और उसके आसपास का हाल बेहाल है. इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार को ऑड ईवन समेत तमाम बड़े कदम उठाने पड़े. जहां एक तरफ दिल्ली-NCR के लोग भीषण प्रदूषण का सामना कर रहे हैं, वहीं पड़ोसी राज्य पंजाब में पराली जलाने के मामले रुक नहीं रहे हैं. पंजाब में जलने वाली पराली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण की बड़ी वजह माना जाता है.
पंजाब में पिछले 24 घंटे में पराली जलाने के 2060 मामले सामने आए. इस साल पंजाब में पराली जलाने का आंकड़ा 19463 के पार पहुंच गया. पिछले 9 दिन में पंजाब में पराली जलाने के 15000 से अधिक मामले सामने आए हैं.
Delhi NCR AQI Reason: दिल्ली क्यों बन जाती है 'जहरीली राजधानी', ये हैं छह बड़ी वजहें...
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) लगातार गंभीर श्रेणी में बना हुआ है. राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को शाम 4 बजे औसत AQI 423 ('गंभीर') दर्ज किया गया.
प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में डीजल से चलने वाले ट्रकों, कर्मशियल चार पहिया वाहनों और सभी प्रकार के निर्माण पर प्रतिबंध लागू कर दिया है. सोमवार को, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण से निपटने के उपाय के रूप में ऑड-ईवन स्कीम की घोषणा की, जिसे 13 से 20 नवंबर तक दिल्ली में लागू किया जाएगा.
स्कूलों में ऑनलाइन क्लास
गोपाल राय ने यह भी कहा कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए, सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को छोड़कर सभी स्कूलों में फिजिकल कक्षाएं निलंबित करने का फैसला किया है. इसके अलावा सरकारी कार्यालयों को 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ संचालित करने का फैसला लिया गया है. शेष कर्मचारी घर से काम करेंगे. आपको बता दें कि दिल्ली में गत चार दिनों से प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है और दीपावली के बाद इसके और बढ़ने की आशंका है, जिसके मद्देनजर ऑड-ईवन स्कीम लागू की गई है.