युद्ध अभियानों के बारीक विवरण जिसे अब तक मुंह के माध्यम से ही आगे बढ़ाए जाते रहे हैं, जल्द ही सार्वजनिक और संगृहित किए जाएंगे क्योंकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य इतिहास के नीतिगत वर्गीकरण को मंजूरी दे दी है.
रक्षा मंत्रालय ने 5 साल के अंदर सभी अभिलेखों को संगृहित करने के उद्देश्य से नीति तैयार की है. रक्षा मंत्रालय का कहना है कि मंत्रालय के तहत प्रत्येक संगठन वॉर डायरीज, लेटर्स ऑफ प्रॉसिडिंग और ऑपरेशनल रिकॉर्ड बुक आदि समेत रिकॉर्ड्स के उचित रखरखाव, अभिलेखीय और लेखन के लिए इतिहास प्रभाग को हस्तांतरित करेगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय द्वारा युद्ध या ऑपरेशनल इतिहास के संग्रह, अवर्गीकरण और संकलन तथा प्रकाशन संबंधी नीति को मंजूरी दे दी है.
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मंत्रालय का इतिहास प्रभाग युद्ध या ऑपरेशन इतिहास के संकलन, अनुमोदन और प्रकाशन के दौरान विभिन्न विभागों के साथ समन्वय के लिए जिम्मेदार होगा.
सीखे गए सबक का विश्लेषण करने और भविष्य में गलतियों को रोकने के लिए के सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता वाली कारगिल समीक्षा समिति के साथ-साथ एनएन वोहरा समिति की ओर से युद्ध रिकॉर्ड और युद्ध इतिहास लिखने की जरुरत की सिफारिश की गई थी.