
अरब सागर में पनपा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय तेजी से भारत के तटीय इलाकों की तरफ बढ़ रहा है. अरब सागर से सटे सभी राज्यों (गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल) में इसने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. पहले केरल, कर्नाटक और गोवा के बाद महाराष्ट्र के मुंबई समेत कई शहरों में बारिश और तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं. गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तटों पर भी तेज हवाएं चल रही हैं. जामनगर और मुंबई में हाई टाइड देखने को मिल रही है. समंदर में ऊंची लहरें उठ रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए इन राज्यों के तटीय इलाकों में हाई अलर्ट है. वहीं, इसका असर राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है.
गुजरात तट के कितना करीब Cyclone Biparjoy?
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हवाओं की रफ्तार बढ़ती जाएगी. इसके चलते पेड़ों के टूटने और बिजली और फोन लाइनों को नुकसान पहुंचने की आशंका है. वहीं निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है.

मौसम विभाग के मुताबिक, बिपरजॉय 13 जून, 2023 को रात ढाई बजे पूर्वोत्तर और आस-पास के पूर्वी मध्य अरब सागर में पोरबंदर से लगभग 290 किमी दक्षिण-पश्चिम में और जखाऊ बंदरगाह से 360 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित था. जो अब और आगे बढ़ चुका है. IMD के मुताबिक, बिपरजॉय सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों से 15 जून को गुजर सकता है.
इन इलाकों में आज बारिश के आसार
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एजेंसी, स्काईमेट के मुताबिक, महुवा, पोरबंदर, ओखा, दीव, सोमनाथ, जामनगर, द्वारका आदि के तटीय क्षेत्रों और भुज, मांडवी, नलिया आदि में कहीं तेज बारिश तो कहीं ये फुहारें देखने को मिल सकती हैं. बता दें कि गुजरात और राजस्थान में आमतौर पर जून के पहले पखवाड़े के दौरान गर्मी और कुछ धूल भरी आंधी देखी जाती है. राज्यों में बारिश बहुत कम होती है, इसलिए इन फुहारों को बेमौसम बारिश कहा जाएगा.
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प्रशासन अलर्ट
आईएमडी का पूर्वानुमान है कि 15 जून की शाम तक ये तूफान जखाऊ बंदरगाह के पास सौराष्ट्र और कच्छ को पार कर सकता है. तटीय इलाकों से टकराने की संभावना को देखते हुए गुजरात सरकार एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दलों को तटीय इलाकों में तैनात कर रही है. वहीं, प्रभावित होने वाले संभावित राज्यों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है. साथ ही समंदर के आस-पास ना जाने की सलाह दी जा रही है.