अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले अब बड़े साइबर हमले का खतरा मंडरा रहा है. गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 22 जनवरी से पहले अयोध्या में पाकिस्तान और इंडोनेशिया के साइबर क्रिमिनल्स बड़े अटैक को अंजाम दे सकते हैं.
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक साइबर हमले से निपटने के लिए MHA ने उच्च स्तरीय साइबर एक्सपर्ट की टीम अयोध्या भेजी है. इस टीम में MHA I4C के सदस्य, Meity के अधिकारी, IB, CERT-IN के अधिकारी और साइबर मामलों के जानकार शामिल हैं. ये टीम 22 जनवरी तक कंट्रोल रूम बनाकर अयोध्या में ही मौजूद रहेगी.
कड़े कदम उठा रहा मंत्रालय
सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर को लेकर प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में किसी भी तरीके के साइबर थ्रेट से बचने के लिए गृह मंत्रालय कड़े कदम उठा रहा है. सूत्रों के मुताबिक समारोह के दौरान साइबरस्पेस पर राम मंदिर से जुड़ी कई गतिविधियां होंगी. इसलिए साइबर एक्सपर्ट और इस टीम से जुड़े अधिकारी ऑनलाइन गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे.
एजेंसियों से किया जाएगा समन्वय
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान और इंडोनेशिया में हैकर्स से होने वाले संभावित साइबर खतरे को देखते हुये ये कदम उठाया गया है. साइबर टीम कई केंद्रीय और स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए अयोध्या में निगरानी करेगी.
आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायतें
बता दें कि साइबर धोखाधड़ी के लिए बनाई गई केंद्रीय हेल्पलाइन को पहले से ही आर्थिक धोखाधड़ी के बारे में शिकायतें मिल रही हैं. इसमें राम मंदिर के लिए दान के बहाने भक्तों का शोषण किया जा रहा है. कुछ वेबसाइटें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से 'प्रसाद' के लिए पैसे मांगती हैं, और बड़ी तादाद में पैसों के साथ-साथ व्यक्तिगत डेटा भी एकत्रित करती हैं, जिससे संभावित धोखाधड़ी और डेटा समझौता का खतरा हो रहा है.