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Ibuprofen समेत ये पेनकिलर्स बिना डॉक्टरी सलाह के लेना खतरनाक, ICMR ने चेताया

अब इन अटकलों के बीच ICMR ने अपनी तरफ से स्पष्ट कर दिया है कि बिना डॉक्टरी सलाह कुछ पेनकिलर्स लेना खतरनाक साबित हो सकता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो- एपी) प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो- एपी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिना डॉक्टरी सलाह ना लें ये पेनकिलर
  • बीपी की दवाई और कोरोना में कोई कनेक्शन नहीं
  • डायबिटीज के मरीज रखें अपना विशेष ध्यान
  • शारीरिक व्यायाम करने की सलाह

कोरोना वायरस का कहर तो बढ़ ही रहा है, इसके साथ-साथ लोगों का अलग-अलग दवाइयों के जरिए खुद को सुरक्षित करने का प्रयास भी बढ़ता दिख रहा है. सोशल मीडिया की दुनिया में कई दवाइयों को प्रमोट किया जा रहा है, कहा जा रहा है कि इन्हें लेने से कोरोना से बचाव संभव है. कई तरह के पेनकिलर्स के बारे में भी काफी कुछ सुनने को मिल रहा है. अब इन अटकलों के बीच ICMR ने अपनी तरफ से स्पष्ट कर दिया है कि बिना डॉक्टरी सलाह कुछ पेनकिलर्स लेना खतरनाक साबित हो सकता है.

बिना डॉक्टरी सलाह ना लें ये पेनकिलर्स

Ibuprofen जैसी पेनकिलर्स को लेकर कहा गया है कि इसे बिना डॉक्टरी सलाह के लेने से कोविड मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है, हार्ट मरीजों को ज्यादा तकलीफ हो सकती है और किडनी को भी नुकसान पहुंच सकता है. ICMR के मुताबिक Ibuprofen के बजाय पैरासिटामोल लेना ज्यादा सुरक्षित रहने वाला है. वैसे ICMR की तरफ से कई सवालों का जवाब दिया गया है. ये वो सवाल हैं जो कोरोना काल में सबसे ज्यादा पूछे जा रहे हैं और जिन्हें लेकर मन में सबसे ज्यादा संशय भी है.

बीपी की दवाई लेने से कोरोना का खतरा?

ऐसा ही एक सवाल बीपी की दवाइयों को लेकर भी सामने आया है. कुछ जगह ऐसा कहा गया था कि बीपी की दवाई लेने वालों में कोविड के ज्यादा गंभीर लक्षण दिख सकते हैं, उन्हें ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इस बारे में भी ICMR ने विस्तार से बताया है. उनकी तरफ से जोर देकर कहा गया है कि अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है जो ये सिद्ध कर सके कि बीपी की दवाई लेने के बाद किसी को कोरोना का ज्यादा खतरा रहने वाला है या फिर उसमें कोविड के गंभीर लक्षण दिखेंगे.

जारी किए गए बयान में कहा गया है कि अभी इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि ACE और ARB ग्रुप वाले ड्रग किसी भी तरह से कोविड को ज्यादा खतरनाक बनाते हों. वहीं इन दवाइयों का फायदा बताते हुआ कहा गया है इनके जरिए बीपी कंट्रोल में रहता है और हार्ट फेलियर से भी बचा जा सकता है. चेतावनी दी गई है कि इन दवाइयों को बीच में छोड़ने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. हार्ट मरीजों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है.

कोरोना और डायबिटीज का कोई कनेक्शन?

लोगों के मन में इस बात को लेकर भी डर है कि कहीं डायबिटीज और हाइपरटेंशन वाले मरीज कोविड संक्रमण का आसानी से शिकार ना बन जाएं. डर इस बात को लेकर भी है कि कहीं ऐसे मरीजों की स्शिति दूसरों की तुलना में ज्यादा क्रिटिकल ना हो जाए. इस सवाल पर भी ICMR ने सीधा जवाब दिया है. उनकी मानें तो समाज का हर वर्ग कोरोना से संक्रमित हो सकता है. ऐसा नहीं है कि किसी को डायबिटीज है तो वो कोविड का आसान शिकार रहेगा. हां, इतना जरूर बताया गया है कि ऐसे मरीजों में कोविड के थोड़े ज्यादा गंभीर लक्षण दिखाई पड़ सकते हैं. 

शारीरिक व्यायाम करने की सलाह

जिन लोगों की डायबिटीज कंट्रोल में नहीं रहती है, उन्हें लेकर कहा गया है कि वे हर तरह के इनफेक्शन के शिकार बन सकते हैं. सिर्फ कोरोना संक्रमण का ही वे शिकार बने, ये जरूरी नहीं है. लेकिन ऐसे लोगों को अपना ज्यादा ध्यान रखने के लिए कहा गया है. ICMR ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी को भी अपनी कोई दवाई बिना डॉक्टर के सलाह के बीच में नहीं छोड़नी है. फिर चाहे बीपी की दवाई हो या फिर डायबिटीज की. सलाह दी गई है कि ऐसे समय में शराब और स्मोकिंग से दूर रहा जाए और खुद को फिट रखने के लिए किसी तरह का शारीरिक व्यायाम किया जाए.

हमेशा की तरह ICMR ने इस बात पर भी जोर दिया है कि लोग मास्क को ठीक तरीके से पहने, समय-समय पर अपने हाथ धोते रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करें. (रिपोर्ट: PTI)

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