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निजीकरण पर दिग्विजय ने सरकार को घेरा, बोले- मोदी-शाह जनता के पक्ष में या पूंजीपतियों के?

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे सवाल दागे. बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव को लेकर दिग्विजय सिंह ने सवाल किया है कि जनता तय करे कि मोदी-शाह किसके पक्ष में हैं, गरीब जनता के या पूंजीपतियों के.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सरकार को घेरा (फाइल फोटो: PTI) कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सरकार को घेरा (फाइल फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बैंक निजीकरण को लेकर दिग्विजय सिंह का वार
  • जनता के पैसे से चंद लोग खरीदेंगे बैंक: दिग्विजय

कांग्रेस द्वारा लगातार मोदी सरकार पर निजीकरण को लेकर निशाना साधा जा रहा है. गुरुवार को कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे सवाल दागे. बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव को लेकर दिग्विजय सिंह ने सवाल किया है कि जनता तय करे कि मोदी-शाह किसके पक्ष में हैं, गरीब जनता के या पूंजीपतियों के.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि मोदी जी जनता से किए हुए अपने एक और वादे से मुकर रहे हैं. जो शासकीय उपक्रम बिकने वाले हैं उनकी सूची, इसमें शासकीय बैंक भी अब शामिल हैं.

दिग्विजय सिंह ने सवाल किया कि शासकीय उपक्रम बिकेंगे, कौन ख़रीदेंगे? जिनके पास धन होगा. उनके पास खरीदने के लिए धन कहां से आएगा? बैंक से...बैंक में पैसा किसका है? आम आदमी का.
 

कांग्रेस नेता ने कहा कि यानी कि जनता के पैसे से कुछ चुने लोग शासकीय उपक्रम व शासकीय बैंक, जनता के पैसों से उन्हें खरीदेंगे. यही तो मोदी जी का निजीकरण है. दिग्विजय सिंह ने लिखा कि जनता अब निर्णय करे मोदी-शाह-भाजपा किस के पक्ष में है? गरीब आम जनता के पक्ष में हैं या पूंजीपतियों के? रोजगार है नहीं, महंगाई बढ़ रही है.

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल ही में तय किया है कि दो सरकारी बैंकों का निजीकरण कर दिया जाएगा. इसी को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार को घेर रही है. दिग्विजय सिंह से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं.

राहुल गांधी के हमलों का जवाब देते हुए ही बीते दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सफाई दी थी कि सरकार सभी सरकारी बैंकों का निजीकरण नहीं करेगी. वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा था और कहा था कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का राष्ट्रीयकरण किया था. 

 

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