मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, जिसकी वजह से भारत में रसोई गैस को लेकर संकट गहरा गया है. गैस गोदामों के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा है, जहां लोग अपने नंबर के लिए घंटों से कतारों में खड़े हैं. प्रशासन के दावों के बावजूद जमीन पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
इसी तरह चंडीगढ़ के राम दरबार इलाके में एलपीजी गैस गोदाम के बाहर रसोई गैस की भारी किल्लत के चलते सैकड़ों लोगों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां बुजुर्ग महिलाएं और काम पर जाने वाले पुरुष सुबह चार बजे से ही अपने खाली सिलेंडर लेकर गोदाम के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में गड़बड़ी और सप्लाई में देरी के कारण घरों में चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं.
कई लोगों का कहना है कि वो पिछले तीन दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. एजेंसी कर्मचारी टोकन पर तारीख लिखकर दे रहे हैं, ताकि भीड़ को कम किया जा सके, लेकिन सर्वर डाउन होने की वजह से ओटीपी न आने की समस्या ने लोगों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है.
गैस गोदाम सिलेंडर लेने पहुंचीं महिला ने बताया कि उनके घर का सिलेंडर दो दिन पहले खत्म हो गया था और अब उन्हें पुराने वक्त की तरह लकड़ी के चूल्हों या इंडक्शन पर खाना पकाना पड़ रहा है.
लोगों का आरोप है कि प्रशासन भले ही स्टॉक पर्याप्त होने का दावा कर रहा हो, लेकिन हकीकत में उन्हें सिलेंडर के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है.
एजेंसी संचालकों के अनुसार, हर दिन करीब 700 लोग गोदाम पहुंच रहे हैं, लेकिन स्टॉक की कमी के चलते केवल 150 लोगों को ही टोकन दिए जा रहे हैं। गैस सिलेंडर के लिए मची इस अफरा-तफरी के बीच लोगों में भारी गुस्सा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
वहीं, सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है जो भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है.