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जनगणना 2027: दूसरे चरण में जाति पर सवाल, पहले जारी होगी पूरी प्रश्नावली

जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जाति से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे, लेकिन इन सवालों का अंतिम स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है. केंद्र सरकार ने साफ किया है कि सभी सुझावों के आधार पर प्रश्नावली तैयार होगी और इसे आधिकारिक रूप से दूसरे चरण से पहले जारी किया जाएगा.

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दो चरणों में होगी जनगणना, 2027 में पॉपुलेशन एन्यूमरेशन से पहले नोटिफाई होंगे सवाल. (File Photo: ITG)
दो चरणों में होगी जनगणना, 2027 में पॉपुलेशन एन्यूमरेशन से पहले नोटिफाई होंगे सवाल. (File Photo: ITG)

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 को लेकर अहम जानकारी दी है. सरकार ने साफ किया है कि जनगणना के दूसरे चरण में जाति से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे, लेकिन इन सवालों को पहले ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा. पॉपुलेशन एन्यूमरेशन (व्यक्तिगत गिनती) का चरण शुरू होने से पहले पूरी प्रश्नावली को आधिकारिक तौर पर नोटिफाई किया जाएगा.

यह जानकारी गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब के जरिए दी. उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के लिए पूछे जाने वाले सभी सवाल, जिनमें जाति से जुड़े प्रश्न भी शामिल होंगे, तय प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप दिए जाने के बाद जारी किए जाएंगे. सरकार के मुताबिक, फिलहाल जनगणना की प्रश्नावली को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. 

इसके लिए अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों, संगठनों और जनगणना डेटा का इस्तेमाल करने वाले लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं. इन सभी इनपुट के आधार पर ही अंतिम प्रश्नावली तैयार की जाएगी. गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने ये भी कहा कि हर जनगणना से पहले यही प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें व्यापक परामर्श के बाद सवाल तय होते हैं. 

गृह राज्यमंत्री ने साफ किया कि दूसरे चरण से पहले सभी सवालों की जानकारी आधिकारिक अधिसूचना के जरिए दे दी जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी. पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा. इस दौरान हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का कार्य किया जाएगा. 

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इस दौरान देशभर में सभी इमारतों, घरों और परिवारों की विस्तृत सूची तैयार की जाएगी, ताकि जनसंख्या गणना के लिए मजबूत आधार तैयार हो सके. दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसे पॉपुलेशन एन्यूमरेशन (व्यक्तिगत गिनती) कहा जाता है. इसी चरण में लोगों की वास्तविक गिनती की जाएगी और विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी.

केंद्र सरकार पहले ही जनगणना 2027 के लिए 11718 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है. इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी, क्योंकि आजादी के बाद यह 16वीं जनगणना होगी. पहली बार इसमें जाति की गिनती भी शामिल की जाएगी. इसके अलावा यह पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी. लोगों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया जाएगा.

इससे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने की कोशिश की जा रही है. हर दस साल में होने वाली जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था. अब 2027 में होने वाली यह जनगणना कई नए बदलावों और तकनीकी सुधारों के साथ देश के सामाजिक और आर्थिक ढांचे की नई तस्वीर पेश करेगी.

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