सीबीआई ने संयुक्त अरब अमीरात में वित्तीय धोखाधड़ी के लिए चार भारतीयों पर मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने चार भारतीयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन्होंने कथित तौर पर अबू धाबी में वित्तीय धोखाधड़ी की थी और वहां की अदालतों द्वारा दी गई सजा से बचने के लिए वहां से भाग गए थे. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी है.
चार मामलों में दर्ज किया केस
उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने अबू धाबी के अधिकारियों के विदेश मंत्रालय के माध्यम से सीबीआई को भेजे गए अनुरोध पर चार अलग-अलग मामलों में अरुण कुमार मधु सूदन, विनोद वासुदेवन, संजय कुमार दत्ता और मेटी एस्लेव जोसेफ के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
2000 में, भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने एक द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया है, "अनुबंध करने वाले राज्यों के नागरिकों को अन्य अनुबंधित राज्यों में प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा, बशर्ते कि अनुरोधित राज्य अभियोजन के लिए अपने सक्षम प्राधिकारियों को मामला प्रस्तुत करेगा. इसे दोनों अनुबंधित राज्यों के कानूनों के तहत अपराध माना जाता है."
सीबीआई स्थानीय स्तर पर चलाएगी मुकदमा
उन्होंने कहा कि सीबीआई स्थानीय स्तर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाएगी और मंत्रालय के जरिए यूएई को परिणाम के बारे में सूचित करेगी. एजेंसी ने आरोप लगाया कि मधु सूदन 253,629 एईडी (संयुक्त अरब अमीरात दिरहम) की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांछित है, जबकि वासुदेवन पर 148,2697 एईडी की धोखाधड़ी के लिए जांच चल रही है, जबकि दत्ता 3,20,000 रुपये और जोसेफ एईडी 279,500 रुपये के गबन के आरोपों का सामना कर रहा है.
एजेंसी ने आरोप लगाया कि वासुदेवन पर AED 148,2697 की धोखाधड़ी का आरोप है, जबकि दत्ता पर AED 320,000 और जोसेफ AED 279,500 के गबन का आरोप है. आरोपियों को अबू धाबी की अदालतों ने उनकी अनुपस्थिति में दोषी ठहराया है.