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Chinook Helicopters: भारतीय हेलिकॉप्टरों को लेकर बोईंग ने दिया ये बयान, जानकर होंगे हैरान

अमेरिका ने जब चिनूक हेलिकॉप्टरों को ग्राउंडेड किया, तब भारतीय वायुसेना के 15 चिनूक को लेकर चिंता बढ़ गई थी. इसे बनाने वाली कंपनी बोईंग ने भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टरों को लेकर जो बयान दिया है, उसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. आइए जानते हैं कि भारतीय चिनूक हेलिकॉप्टर पर बोईंग ने क्या कहा?

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Indian Air Force के चिनूक हेलिकॉप्टरों का उपयोग लद्दाख में भी किया जा रहा है. (फोटोः रॉयटर्स)
Indian Air Force के चिनूक हेलिकॉप्टरों का उपयोग लद्दाख में भी किया जा रहा है. (फोटोः रॉयटर्स)

दो दिन पहले जब अमेरिका ने अपने 400 चिनूक हेलिकॉप्टरों (Chinook Helicopters) की फ्लीट को जमीन पर उतार दिया था, तब भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की चिंता बढ़ गई थी. क्योंकि उसके पास भी 15 चिनूक हेलिकॉप्टर हैं. वायुसेना ने चिनूक बनाने वाली कंपनी से जवाब मांगा था कि भारतीय वायुसेना की चिनूक वैरिएंट की क्या हालत है. क्या वो इंजन की आग से सुरक्षित हैं. इस पर बोईंग कंपनी ने जो जवाब दिया है, वो जानकर आप हैरान रह जाएंगे. 

दो दिन पहले ही अमेरिका ने अपने 400 चिनूक हेलिकॉप्टरों की फ्लीट को ग्राउंडेड कर दिया था. (फोटोः PTI)
दो दिन पहले ही अमेरिका ने अपने 400 चिनूक हेलिकॉप्टरों की फ्लीट को ग्राउंडेड कर दिया था. (फोटोः PTI)

पूरी दुनिया को पता है कि चिनूक हेलिकॉप्टरों (Chinook Helicopters) बेहतरीन हैवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर्स में से एक है. आपदा-राहत, मेडिकल रेस्क्यू और मिलिट्री मिशन में बेहतरीन काम किया है. भारतीय वायुसेना ने कहा था कि भारतीय चिनूक की उड़ानें नहीं रुकी हैं. अमेरिकी कंपनी से पूछा गया है कि क्या भारतीय चिनूक फ्लीट को कोई इंजन की आग वाले मामले से कोई खतरा है. भारतीय चिनूक चंड़ीगढ़ एयरफोर्स बेस पर तैनात है. कुछ को लद्दाख भी भेजा गया है. 

इसके जवाब में बोईंग इंडिया ने भारतीय वायुसेना को कहा कि आप चिनूक के CH-47F(I) वैरिएंट का उपयोग कर रहे हैं. इस वैरिएंट में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आई है. अमेरिकी चिनूक फ्लीट में जिस वैरिएंट में दिक्कत आई है, वो भारतीय वायुसेना को नहीं दिया गया है. इसलिए भारतीय वायुसेना अपने चिनूक हेलिकॉप्टरों को आराम से उड़ा सकती है.  

चंडीगढ़ एयरफोर्स बेस पर तैनात चिनूक की कुछ उड़ानें लद्दाख में माल परिवहन के लिए होती हैं. (फोटोः विकिपीडिया)
चंडीगढ़ एयरफोर्स बेस पर तैनात चिनूक की कुछ उड़ानें लद्दाख में माल परिवहन के लिए होती हैं. (फोटोः विकिपीडिया)

दुनिया भर में चिनूक के एक दर्जन से ज्यादा वैरिएंट्स मौजूद हैं. आग लगी है अमेरिकी चिनूक के HH-47 वैरिएंट में. यह USAF के कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू में काम आता है. IAF के पास CH-47F वैरिएंट है. अमेरिका फ्यूचर वर्टिकल लिफ्ट प्रोग्राम के तहत इसी वैरिएंट को अपग्रेड करने वाली है. इसे हेलिकॉप्टर को कम से कम साल 2060 तक उपयोग करने लायक बनाया जा रहा है. 

सीएच-47 चिनूक हेलिकॉप्टर (CH-47 Chinook Helicopter) अपने साथ 33 से 55 सैनिक, 24 स्ट्रेचर या 11 हजार KG वजन उठाकर उड़ सकता है. इस हेलिकॉप्टर की रेंज 740 KM है. यह 98 फीट लंबा है. इसकी गति 315 KM प्रतिघंटा है. यह 12.5 फीट चौड़ा और 18.11 फीट ऊंचा होता है. 

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