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नीतीश कुमार ने सरकार बना ली लेकिन BJP के इस प्लान से फंसेंगे?

नीतीश की वापसी NDA के किन घटक दलों के लिए चिंता का सबब बनेगी, लोकसभा चुनाव के पहले क्या केंद्र सरकार CAA लागू कर देगी, क्या हेमंत सोरेन के ऊपर लटक रही गिरफ़्तारी की तलवार और भारत-चीन संबंधों में क्या नया मोड़ आने वाला है, सुनिए ‘दिन भर’ में नितिन ठाकुर से.

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बिहार में नीतीश कुमार नौ बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. किसी मुख्यमंत्री के लिए नौ बार शपथ लेना एक रिकॉर्ड है. रिकॉर्ड ये भी है कि नीतीश कुमार ना जाने गठबंधन तोड़ के किसी भी पाले में चले जाएं कुर्सी बचा ही लेते हैं. चाहे वो चुनाव जिसके साथ भी लड़े हो और चाहे उनकी कितनी भी सीटें आएं. 
  
कल उन्होंने राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन की सरकार से दोपहर में इस्तीफा दिया. और शाम तक बीजेपी समर्थित नई सरकार के मुख्यमंत्री बन गए. बीजेपी की तरफ से प्रदेशाध्यक्ष सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष रहे विजय सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. नीतीश की इस नई सरकार के आठ मंत्रियों ने शपथ ली है. शपथ लेने के बाद नीतीश का बयान भी आया. उन्होंने कहा कि जहां था वहीं आ गया हूँ. अब सवाल ही नहीं उठता कहीं और जाने का.  

बिहार में नई सरकार का गठन ऐसे वक्त में हुआ है जब राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने आज ही बिहार में प्रवेश किया. जाहिर है नीतीश कुमार का एनडीए में वापस जाना कांग्रेस पार्टी के लिए इस लिहाज से भी बुरी खबर है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश से जब यात्रा के दौरान नीतीश के महागठबंधन छोड़ने पर सवाल किया गया तो उन्होंने नीतीश कुमार को गिरगिट करार दिया . 

आसान नहीं है नीतीश की राह!

ममता के बदले तेवर के बाद अब नीतीश कुमार की विपक्षी खेमे से विदाई जोर शोर से बने इंडिया अलायंस के लिए कितनी बड़ी चिंता है, बीजेपी ने जिन दो नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया है और शुरुआती तौर पर जो विधायक कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं, उसके पीछे बीजेपी- जेडीयू की राजनीतिक मंशा क्या है, सुनिए 'दिन भर' की पहली ख़बर में.

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CAA पर सरकार तेज़ी में क्यों है?

आज से तकरीबन 5 साल पहले देश की संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पास हुआ था. कुछ विरोध और कुछ और कारणों से ये देश भर में लागू नहीं हो सका. अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी तीसरे कार्यकाल की लड़ाई के लिए लोकसभा चुनावों में जा रही है, CAA पर बयानों की बाढ़ आ गई है.  

पिछले महीने गृह मंत्री अमित शाह का बयान भी आया था इस पर. उन्होंने कहा कि देश भर में CAA लागू करने से केंद्र सरकार को कोई रोक नहीं सकता. और अब इस पर एक और केन्द्रीय मंत्री का बयान आया है. केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा है कि कि एक हफ्ते के अंदर नागरिकता का कानून लागू हो जाएगा. उनके इग्ज़ैक्ट शब्द थे कि मैं मंच से ये गारंटी दे रहा हूं कि अगले 7 दिनों में सिर्फ बंगाल ही नहीं बल्कि पूरे देश में सीएए लागू हो जायेगा.  

  
शांतनु के इस बयान पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया भी आई. उन्होंने कहा कि बीजेपी अब CAA का शोर मचा रही है. ये उनकी राजनीति है. हमने सभी को नागरिकता दी है और जो लोग बॉर्डर इलाकों में रह रहे हैं उन्हें सब कुछ दिया जा रहा है. हम लोगों के साथ भेदभाव नहीं होने देंगे. देश में लोकसभा चुनाव जब नजदीक हों ऐसे वक्त में CAA को लेकर आ रहे बयानों की बाढ़ से ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार अब इसे लागू करने को लेकर अंतिम चरण में है. सवाल है कि क्या ये मान कर चला जाना चाहिए कि लोकसभा चुनावों से पहले देश में CAA लागू हो सकता है, इसे लागू करने की तैयारी क्या है और इसके व्यापक असर क्या होंगे, क्या इससे कोई नुकसान नहीं होगा राजनीतिक तौर पर बीजेपी को? सुनिए 'दिन भर' की दूसरी ख़बर में.

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ED से क्यों नहीं मिल रहे हेमंत सोरेन?

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ज़मीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में घिरते नज़र आ रहे हैं. सेंट्रल एजेंसी ईडी ने रांची में सेना के कब्जे वाली साढ़े 4 एकड़ जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त का खुलासा किया था. इस मामले में एजेंसी ने रांची के ही बड़गाईं अंचल के रेवेन्यू ऑफ़िसर भानु प्रताप प्रसाद को गिरफ्तार किया था. उनके आवास और मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में सरकारी दस्तावेज बरामद हुए थे. 

जांच आगे बढ़ने पर ईडी अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और बरामद हुए दस्तावेजों की छानबीन और उनसे जुड़े तथ्यों के सत्यापन को लेकर ईडी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ करना चाहती है. इसके लिए एजेंसी कई समन जारी कर चुकी है. कुछ दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम सोरेन को दसवां समन जारी कर उन्हें 29 या 31 जनवरी को पेश होने को कहा था. ये भी कहा था अगर वह पेश नहीं होंगे तो खुद ईडी की टीम उनसे पूछताछ के लिए पहुंचेगी.

 ED की एक टीम आज सुबह 7 बजे राजधानी दिल्ली स्थित हेमंत सोरेन के आवास पर पहुंची भी लेकिन सोरेन वहां नहीं मिले. कल रात को दिल्ली वाले घर में मौजूद हेमंत सोरेन कहां चले गए, उनके लोकेशन को लेकर क्या जानकारी सामने आई है और क्या ED सोरेन को गिरफ़्तार करने के मूड में है, सुनिए 'दिन भर' की तीसरी ख़बर में.

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15 महीने बाद भारत में आएगा चीनी राजदूत?


करीब 3 साल पहले भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी की हिंसक झड़प किसे भूली होगी. भारत के 20 जवान शहीद हुए और 38 चीनी सैनिक मारे गए थे. इस झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्ते लगातार बिगड़ते गए. हालात इतने बिगड़े कि 15 महीने पहले साल 2022 में जब भारत में चीनी राजदूत का कार्यकाल खत्म हुआ तबसे चीन ने यहाँ अपना राजदूत नियुक्त नहीं किया. लेकिन अब खबर आई है कि अब चीन भारत में अपना अगला एंबेसडर नियुक्त कर सकता है. चीन की कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसका दावा किया गया है.  


एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक चीन के सीनियर डिप्लोमैट जू फीहोंग को भारत में एंबेसडर बनाया जा सकता है. जू फीहोंग अफगानिस्तान में राजदूत के तौर पर काम कर चुके हैं. अभी वो चीन में विदेश मामलों के असिस्टेंट मिनिस्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. 15 महीने बाद चीन को भारत में अपने राजदूत आवास को भरने की जरूरत क्यों नजर आई है और भारत चीन दोनों के लिहाज से ये जरूरी क्यों था, सुनिए 'दिन भर' की आख़िरी ख़बर में.

 

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