भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सोमवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में सीमा-पार संपर्क वाले मुस्लिम समूहों की घुसपैठ और बसावट बढ़ रही है, जो कानून-व्यवस्था के लिहाज से चिंताजनक है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में कई मुस्लिम ‘स्प्लिंटर ग्रुप्स’ उभर रहे हैं, जिस पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है.
पत्रकारों से बातचीत में मजूमदार ने कहा कि हालात बिगड़ने से पहले सचेत होने की आवश्यकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य '1946 से पहले' जैसे हालात की ओर बढ़ रहा है, लेकिन बीजेपी के सत्ता में आने पर स्थिति बदली जाएगी. उनका दावा था कि अनिश्चितता के माहौल से बंगाल को निकालकर सुरक्षित और संरक्षित वातावरण केवल बीजेपी ही दे सकती है.
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मजूमदार ने 1946 के ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कोलकाता में सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी. बता दें कि 1946 में मुस्लिम लीग के ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ के आह्वान के बाद तीन दिनों तक दंगे हुए थे, जिनमें हजारों लोगों की जान गई थी. हालांकि, उन्होंने मौजूदा हालात को लेकर अपनी टिप्पणी को चेतावनी के तौर पर बताया. मजूमदार ने विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों पर चिंता जताई.
उन्होंने मालदा जिले के वैष्णवनगर और मुर्शिदाबाद जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि यहां सीमा-पार से आने वाले घुसपैठियों को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का संरक्षण मिल रहा है. सुकांत मजूमदार ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में बढ़ती गतिविधियां राज्य की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकती हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य की एजेंसियों से हालात पर कड़ी नजर रखने और प्रभावी कदम उठाने की मांग की.