पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बन चुकी है. ब्रिग्रेड परेड ग्राउंड में हुए शपथ ग्रहण समारोह को ऐताहासिक बताया जा रहा है. शुभेंदु अधिकारी के सीएम पद के शपथ समारोह के दौरान एक और दिलचस्प वाकया सामने आया है. असल में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में इस दौरान राजनीतिक हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं की स्मृति में एक विशेष स्मारक बनाया गया है. इस स्मारक पर उन कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने पिछले वर्षों में राजनीतिक संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाई थी. पार्टी नेताओं और समर्थकों ने इसे लोकतंत्र के लिए बलिदान बताया.
शहीद BJP कार्यकर्ताओं की याद में बनाया गया स्मारक
परेड ग्राउंड पर बनाए गए इस स्मारक पर बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने कहा कि इसे शहीद BJP कार्यकर्ताओं की याद में बनाया गया है. यह उनके बलिदानों का सम्मान करने के लिए है, जिनकी वजह से BJP पश्चिम बंगाल में सरकार बना पाई है. वहीं बीजेपी कार्यकर्ता स्मारक के इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और उनके लिए यह स्मारक वाकई बहुत भावुक कर देने वाला है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह स्मारक उन बलिदानों की पहचान है, जिन्होंने बंगाल में राजनीतिक हिंसा का सामना किया. बीजेपी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.
इस स्मारक के जरिये बीजेपी ने यह भी संदेश दिया है कि उसके लिए कार्यकर्ता बहुत अहम हैं और परिवार की ही तरह हैं. बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है और उनकी कर्तव्यनिष्ठा का मान भी रखती है. ऐसा ही एक बड़ा उदहरण शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के मंच से भी देखने को मिला.
जब पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के सबसे पुराने कार्यकर्ता के पैर छुए, उन्हें गले लगाया और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. 98 साल के माखनलाल सरकार आरएसएस के शुरुआती दिनों से जुड़े रहे हैं. वह जनसंघ के भी कार्यकर्ता रहे हैं. उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ आंदोलनों में भाग लिया था. पीएम मोदी ने मंच पर उन्हें सम्मानित किया है.