
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों कर्नाटक में है. भारत जोड़ो यात्रा के जरिए वे न सिर्फ कांग्रेस की खोई जमीन तलाशने की कोशिश में जुटे हैं, बल्कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी नया जोश भरने की कोशिश कर रहे हैं. राहुल कभी यात्रा के दौरान नेताओं का हाथ पकड़कर दौड़ते नजर आते हैं, तो कभी युवाओं के साथ पुशअप लगाते हैं. ऐसा ही कुछ चित्रदुर्ग में देखने को मिला. उन्होंने यहां एक टंकी पर चढ़कर तिरंगा लहराया. इस दौरान उनके साथ कर्नाटक कांग्रेस के नेता डी के शिवकुमार भी साथ रहे.
इससे पहले राहुल गांधी ने चित्रदुर्ग के मोलाकलमुरु में जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा. राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने कहा कि हम भाजपा और संघ को देश का बंटवारा करने और नफरत फैलाने नहीं देंगे. इस देश को विभाजित करना इस देश के हित के खिलाफ है. इससे देश मजबूत नहीं बल्कि कमजोर होगा.

राहुल ने कन्नड़ भाषा का उठाया मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस ने अगर कांग्रेस के लोगों और उनकी भाषा पर हमला किया, तो उन्हें कांग्रेस की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा. राहुल गांधी की ये चेतावनी ऐसे वक्त पर आई, जब जेडीएस नेता कुमार स्वामी ने आरोप लगाया था कि सेंट्रल स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की परीक्षा सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी भाषा में हुई, इसमें अन्य किसी क्षेत्रीय भाषा को शामिल नहीं किया गया.
Tiranga unites us all. embraces the true essence of the Tricolour.
— Congress (@INCIndia)
राहुल गांधी ने कहा कि आज बेरोजगार युवा पूछ रहा है कि वे कन्नड़ भाषा में टेस्ट क्यों नहीं दे सकता. राहुल गांधी ने कहा कि एक भाषा इतिहास है, संस्कृति है, यह कल्पना है और किसी को भी लोगों को उनकी भाषा में बोलने से रोकने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ऐसा प्रचार कर रहे हैं कि कन्नड़ एक सहायक भाषा है. इसका सम्मान नहीं करना है. लेकिन हमारे लिए कन्नड़ भाषा का प्रमुख महत्व है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर है.