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Covaxin का बूस्टर डोज Omicron और Delta वैरिएंट को करता है बेअसर, भारत बायोटेक का दावा

भारत बायोटेक ने कहा, हमने पाया कि टेस्ट सीरम के 100 फीसदी सैम्पल ने डेल्टा वैरिएंट के बेअसर कर दिया और 90 फीसदी से अधिक टेस्ट सीरम के सैम्पल ने ओमिक्रॉन वैरिएंट को बेअसर कर दिया है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नहीं मिले बूस्टर डोज के साइड इफेक्ट
  • 100% सैम्पल ने डेल्टा वैरिएंट के बेअसर कर दिया

भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन को लेकर भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने बड़ा दावा किया है. भारत बायोटेक ने मंगलवार को कहा कि कोवैक्सीन का बूस्टर डोज (Covaxin booster dose) कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट को बेअसर कर देता है. कंपनी ने बूस्टर डोज पर जारी शोध के शुरुआती नतीजे आने के बाद यह दावा किया है. 

भारत बायोटेक ने कहा, हमने पाया कि टेस्ट सीरम के 100 फीसदी सैम्पल ने डेल्टा वैरिएंट के बेअसर कर दिया और 90 फीसदी से अधिक टेस्ट सीरम के सैम्पल ने ओमिक्रॉन वैरिएंट को बेअसर कर दिया है. भारत बायोटेक का कहना है कि ट्रायल के दौरान वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने वाले लोगों में दो डोज लेने वालों की तुलना में एंटीबॉडी 5 गुना बढ़ी है. 
 

 

 

कंपनी ने कहा कि बूस्टर डोज लेने वाले लोगों में CD4 और CD8 सेल में बढ़त देखने को मिली. ये वो सेल हैं जो किसी भी व्यक्ति को कोरोना के खिलाफ लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान कराती है. इससे पहले कंपनी ने अध्ययनों में कोविड के कंसर्न वैरिएंट अल्फा, बीटा, डेल्टा, जेटा और कप्पा के खिलाफ कोवैक्सीन का प्रदर्शन बेहतर पाया था.

कंपनी ने कहा कि टेस्ट के दौरान जो डाटा सामने आया है वो इस बात का सबूत हैं कि कोवैक्सीन बढ़ते कोरोना के खतरे के खिलाफ बचाव का एक बेहतरीन विकल्प है. इसके साथ ही कंपनी ने ये भी दावा किया है कि कोवैक्सीन के बूस्टर डोज के कोई साइड इफेक्ट भी देखने को नहीं मिले हैं. इसके साथ ही कंपनी ने ये भी दावा किया है कि कोवैक्सीन के बूस्टर डोज के कोई साइड इफेक्ट भी देखने को नहीं मिले हैं.

 

 

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