असम कांग्रेस में राजनीतिक उथल-पुथल तेज हो गई है. पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए अपना सार्वजनिक रूस से अपमानित करने का आरोप लगाया. अब कांग्रेस नेता गौरव ने बोरा के आरोपों पर पलटवार करते हुए उनके इस्तीफे को 'स्क्रिप्टेड मूव बताते हुए बीजेपी में शामिल होने का बहाना करार दिया है.
दरअसल, भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफे के बाद गुवाहाटी में कहा, उन्होंने पार्टी को 32 साल दिए, जिसमें पार्टी ने उन्हें विधायक से लेकर APCC अध्यक्ष तक बनाया. बोरा ने बताया कि 2021 में जब वह अध्यक्ष बने, तब कांग्रेस AIUDF के साथ गठबंधन में थी, जिसे उन्होंने तोड़ दिया.
उन्होंने दावा किया कि INDIA ब्लॉक बनने से पहले उन्होंने 16 पार्टियों के साथ नया गठबंधन बनाया. उपचुनाव में तय हुआ था कि एक सीट CPI(ML) को दी जाएगी, लेकिन अचानक रात में किसी ऐसे व्यक्ति के नाम की घोषणा कर दी गई जो कभी कांग्रेस का सदस्य नहीं था. बोरा ने कहा कि उस सीट पर गौरव गोगोई जीत नहीं सके.
बोरा ने आगे बताया कि 9 फरवरी को गठबंधन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें उन्हें दोबारा गठबंधन बनाने के लिए कहा गया. 11 फरवरी को गौरव गोगोई ने सुझाव दिया कि वह अकेले नहीं, बल्कि रकीबुल हुसैन को भी साथ लें.
बोरा ने कहा कि वो सभी दलों से बातचीत कर रहे थे, लेकिन 13 फरवरी को गौरव गोगोई ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि भूपेन बोरा ने गलतफहमी पैदा की है.
बोरा ने कहा कि उन्होंने गोगोई से पूछा कि उन्हें सबके सामने अपमानित क्यों किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने राहुल गांधी से इस बारे में बात की और कहा कि वे ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते.
गौरव गोगोई का पलटवार
अब भूपेन के आरोप पर असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत में गोगोई ने कहा कि बोरा का इस्तीफा बीजेपी में शामिल होने का बहाना है.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'जब कोई भारतीय जनता पार्टी में जाता है तो उसे एक 'स्क्रिप्ट' दी जाती है और वही पढ़नी होती है.'
गोगोई ने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस में दिक्कत थी तो किसी और ऐसी पार्टी में क्यों नहीं गए जो बीजेपी से लड़ रही है. उन्होंने कहा कि असम में कई अन्य पार्टियां भी हैं जो बीजेपी के खिलाफ संघर्ष कर रही हैं.
गोगोई ने ये भी पूछा कि इस्तीफे के एक दिन के अंदर ही भूपेन कुमार ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से हाथ क्यों मिला लिया. उन्होंने बोरा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ये सब पूर्व नियोजित है और असम की राजनीति में बीजेपी की साजिश का हिस्सा है.