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AI समिट प्रोटेस्ट मामले में दिल्ली पुलिस दाखिल की 5000 पन्नों की चार्जशीट, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बताया साजिशकर्ता

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 'AI इंटरनेशनल समिट' के दौरान हुए विवादास्पद प्रदर्शन मामले में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब सहित 18 लोगों को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए आरोप पत्र दाखिल किया है. जांच में इस प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि बिगाड़ने की सोची-समझी साजिश बताया गया है.

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AI Summit Protest :दिल्ली पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट. (Photo: Screengrab)
AI Summit Protest :दिल्ली पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट. (Photo: Screengrab)

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंडिया AI इंपैक्ट इंटरनेशनल समिट   के दौरान यूथ कांग्रेस शर्टलेस प्रोटेस्ट मामले में 5000 पेजों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में क्राइम ब्रांच ने यूथ कांग्रेस के 18 कार्यकर्ताओं को नामजद किया गया है. पुलिस ने चार्जशीट में खुलासा किया है कि ये प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ, बल्कि 'AI इम्पैक्ट ग्रुप' नाम के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक महीने पहले इसका पूरा प्लान तैयार किया गया था.

चार्जशीट में यूथ कांग्रेस प्रेसिडेंट उदयभानु चिब को इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है. उनके साथ ही यूथ कांग्रेस से जुड़े श्रीकृष्ण हरि, सिद्धार्थ अवधूत और मनीष शर्मा को भी मुख्य आरोपी बनाया गया है. पुलिस का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश रची और उसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया.

क्राइम ब्रांच की जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि प्रदर्शन की योजना बेहद गोपनीय तरीके से बनाई गई थी. आरोपियों ने एक महीने पहले व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर पूरी रणनीति तैयार की. उदयभानु चिब के साथ श्री कृष्णा हरि, सिद्धार्थ अवधूत और मनीष शर्मा को इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार बनाया गया है. इन्होंने मिलकर तय किया था कि किस तरह अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने हंगामा करना है.

जांच में सामने आया कि दिल्ली की ओखला प्रेस में करीब 100 सफेद टी-शर्ट्स छपवाई गई थीं. इन पर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ अपमानजनक संदेश लिखे थे. सुरक्षा जांच से बचने के लिए कार्यकर्ताओं ने चालाकी दिखाई और इन टी-शर्ट्स को अपनी साधारण शर्ट के नीचे पहनकर समिट हॉल के अंदर प्रवेश किया, जहां बाद में उन्होंने कपड़े उतारकर (शर्टलेस) प्रदर्शन किया.

पुलिस ने चार्जशीट में पर्याप्त सबूतों का जिक्र करते हुए कहा है कि इस कृत्य का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था. आरोपियों पर लोक सेवकों के काम में बाधा डालने और दंगा भड़काने के पुख्ता सबूत पेश किए गए हैं. इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब 18 नामजद कार्यकर्ताओं को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा.

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