दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह 'ऑपरेशन लोटस' के जरिए पंजाब की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं.
संजय सिंह ने कहा कि यह 'ऑपरेशन लोटस' दरअसल घटिया राजनीति का एक उदाहरण है. उनके मुताबिक, यह सिर्फ सत्ता हथियाने की कोशिश नहीं, बल्कि एक साजिश है ताकि पंजाब में चल रहे जनहित के कामों को रोका जा सके.
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं. 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का काम. बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था. 30 साल से सूखी पड़ी नहरों में पानी पहुंचाना. दलित और आदिवासी महिलाओं को 1500 रुपये देने की योजना. माताओं-बहनों को हर महीने 1000 रुपये देने की पहल. गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज.
संजय सिंह ने इन योजनाओं को 'बेहतरीन काम' बताते हुए कहा कि ऐसी सरकार को रोकने की कोशिश की जा रही है.
सांसद तोड़ने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा के सात सांसदों को तोड़कर बीजेपी में शामिल किया गया. उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को इन नामों को याद रखना चाहिए, क्योंकि ये 'गद्दारी' करने वाले लोग हैं.
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इस संदर्भ में उन्होंने राघव चड्ढा, संदीप पाठक, राजेंद्र गुप्ता, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह जैसे नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी को जनता ने जमीन से बढ़कर संसद तक पहुंचाया, लेकिन अब सूचनाएं जनता के साथ विश्वासघात किया है.
जनता के साथ धोखा
संजय सिंह ने कहा कि इन नेताओं ने पंजाब की जनता की 'पीठ में छुरा घोंपने' का काम किया है और राज्य के साथ गद्दारी की है. उनके मुताबिक, जनता इस विश्वासघात को कभी माफ नहीं करेगी.
एजेंसियों के इस्तेमाल का आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि कुछ दिन पहले अशोक मित्तल पर ईडी की कार्रवाई हुई थी, और यह सब घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं.