आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’, जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों की सुर्ख़ियाँ और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर नितिन ठाकुर किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं.
कोरोना सेकेंड वेव का ज़िम्मेदार कौन?
देशभर में हाईकोर्ट्स कोरोना से उपजे हालात पर बहुत सख़्त हैं. इस बीच मद्रास हाईकोर्ट की नाराज़गी चुनाव आयोग के प्रति ज़ाहिर हुई. अदालत ने उसे दूसरी लहर का ज़िम्मेदार ठहराया और साथ ही चेतावनी भी दी. आजतक रेडियो रिपोर्टर नलिनी शर्मा बता रही हैं कि क्यों अदालत इतनी कड़ाई बरत रही हैं और कोर्टरूम में क्या क्या हुआ. इसके अलावा अमन गुप्ता उन राज्यों के नंबर्स भी टटोल रहे हैं जहां चुनाव हुए या हो रहे हैं ताकि इस बात की पड़ताल हो सके कि क्या वाक़ई इलेक्शन्स का असर कोरोना के केसेज़ पर हुआ है.
घर में मास्क पहनने के मायने?
देश में रोजाना साढे तीन लाख से ज्यादा कोरोना केस आ रहे हैं. बावज़ूद इसके सरकार का कहना है कि बेवजह पैनिक न करें, इससे चीज़ें और बिगड़ेंगी. बात तो ठीक है लेकिन कल नीति आयोग के मेंबर वीके पॉल ने जो कहा उसके बाद सुगबुगाहटें तेज़ हो गई हैं. उन्होंने कहा कि बाहर तो मास्क पहनिए ही लेकिन हो सके तो घरों में भी मास्क पहन कर रहिए. इस सलाह के क्या मायने हैं ये बताया पब्लिक हेल्थ इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर दिलीप मावलंकर ने.
एक राहत भरी ख़बर सुनिए
आँकड़े कह रहे हैं कि कोरोना के मामले भले ही नया रिकॉर्ड बना रहे हैं लेकिन इस बीच राहत भरी ख़बर भी है. वो ये कि सेकेंड वेव में फैटेलिटी रेट यानि मृत्यु दर काफ़ी कम है. 99% लोग रिकवर हो रहे हैं. इस रिकवरी वाली बात को समझने के लिए हमने बात की इंडिया टुडे में सीनियर असिस्टेंट एडिटर प्रभाष के दत्ता से और पूछा कि क्या हर राज्य में रिकवरी का यही रेट है?
इसके अलावा आज के पॉडकास्ट में सुनिए कि आज की तारीख़ में पहले क्या घट चुका है और साथ ही देश-विदेश के अख़बारों की सुर्ख़ियाँ भी, जिन्हें लेकर आए हैं जमशेद.