खबरों के लिहाज से बुधवार का दिन काफी अहम रहा. दिल्ली नगर निगम चुनाव में आखिरकार आम आदमी पार्टी अपना मेयर बनाने में कामयाब हो ही गई. शैली ओबेरॉय बीजेपी की रेखा गुप्ता को मात देकर दिल्ली की महापौर बन गई हैं. सुप्रीम कोर्ट से उद्धव गुट को अभी के लिए राहत नहीं मिली है. चुनाव आयोग के फैसले को कोर्ट ने बरकरार रखा है. यानी कि शिवसेना और धनुष बाण दोनों ही शिंदे गुट के पास ही रहने वाले हैं. हरियाणा के पलवल में गौ रक्षकों की पंचायत हुई है. उस पंचायत में कई बड़े फैसले हुए हैं.
दिल्ली: 84 दिनों की वेटिंग, 34 वोटों से जीत, केवल 38 दिन मेयर रहेंगी शैली ओबेरॉय
दिल्ली के पटेल नगर के वार्ड नंबर 86 से पार्षद शैली ओबेरॉय आम आदमी पार्टी की ओर से मेयर चुनी गई हैं. शैली को 150 वोट मिले. इसी के साथ एमसीडी पर पिछले 15 सालों से काबिज बीजेपी को आम आदमी पार्टी ने बेदखल कर दिया है. उन्होंने बीजेपी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को मात दी.
उद्धव ठाकरे को फिलहाल राहत नहीं, शिंदे गुट के पास ही रहेंगे 'शिवसेना' और 'धनुष-बाण'
सुप्रीम कोर्ट से उद्धव गुट को अभी के लिए राहत नहीं मिली है. चुनाव आयोग के फैसले को कोर्ट ने बरकरार रखा है. यानी कि शिवसेना और धनुष बाण दोनों ही शिंदे गुट के पास ही रहने वाले हैं. ये भी कहा गया है कि चुनाव आयोग द्वारा उद्धव गुट को जो टॉर्च और मशाल वाला चुनावी चिन्ह दिया गया था, वही आगे भी जारी रह सकता है.
सीएम गहलोत मांगें माफी, CBI करे जांच... मोनू मानेसर के समर्थन में जुटी महापंचायत की बड़ी मांग
हरियाणा के पलवल में गौ रक्षकों की पंचायत हुई है. उस पंचायत में कई बड़े फैसले हुए हैं. एक तरफ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से माफी की मांग हुई है तो वहीं दूसरी तरफ भविष्य में ऐसी और पंचायतें करने का फैसला हुआ है.
'गुजरात दंगों पर जयशंकर के पिता ने कहा था...', तृणमूल सांसद ने याद दिलाया पुराना बयान
एस जयशंकर ने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा था कि उनके पिता के साथ गांधी परिवार ने दोहरा बर्ताव किया और उनकी काबिलियत को अनदेखा किया. इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद जवाहर सरकार ने कहा है कि जयशंकर के पिता ने गुजरात दंगों के लिए बीजेपी की आलोचना की थी, उसे असुर बताया था लेकिन उनका बेटा उन्हीं लोगों की सेवा कर रहा है.
'सर' जडेजा ही ऑलराउंडर नंबर-1, बल्ले ने बदल दिया पूरा गेम, जानें कैसे सबको पीछे छोड़ा
रवींद्र जडेजा का खेल पिछले कुछ साल में काफी बदल गया है, यही वजह है कि वह नंबर-1 ऑलराउंडर बने हुए हैं. बल्ले से फॉर्म में आने के बाद रवींद्र जडेजा ने कई कमाल की पारियां खेली हैं जो उन्हें ऑलराउंडर की रेस में सबसे आगे खड़ा करती हैं.