सरस्वती की चार बहनें है. बचपन में ही उसके मां-बाप अलग हो गए थे. मां-बाप के अलग हो जाने के बाद सरस्वती अपनी मां के साथ रहने लगी थी लेकिन कुछ ही सालों के भीतर उसकी मां की मौत हो गई. मां की मौत के बाद सरस्वती अहमदनगर के जानकीबाई आप्टे बालिका आश्रम में रहने लगी. आश्रम में उसने कक्षा एक से दसवीं तक की पढ़ाई की. वह दस सालों तक इसी आश्रम में रही.