अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई. यहां डोंबिवली और कल्याण तालुका की 9 हजार 111 महिलाओं और छात्राओं ने एक साथ सामूहिक लेझीम वादन कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया. इस आयोजन ने न केवल महिला शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया बल्कि डोंबिवली के नाम एक और स्वर्णिम उपलब्धि भी जोड़ दी.
इस कार्यक्रम में शामिल महिलाओं और छात्राओं ने महाराष्ट्र की पारंपरिक खेल संस्कृति लेझीम का सामूहिक प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड कायम किया. इस दौरान हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया.
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सांगली का रिकॉर्ड टूटा, डोंबिवली ने बनाया नया इतिहास
रविवार को यहां स्थित श्री संत सावलाराम क्रीड़ा संकुल मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में ठाणे जिले की सैकड़ों स्कूलों की छात्राएं और महिलाएं शामिल हुईं. कार्यक्रम का आयोजन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक रवींद्र चव्हाण के मार्गदर्शन में डोंबिवलीकर एक सांस्कृतिक परिवार और कल्याण तालुका शारीरिक शिक्षण समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.
कार्यक्रम में कुल 9 हजार 111 प्रतिभागियों ने एक साथ लेझीम वादन कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया. इससे पहले यह रिकॉर्ड महाराष्ट्र के सांगली जिले के नाम दर्ज था. इस उपलब्धि की पुष्टि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लंदन से आए अधिकारी स्वप्निल डांगरेकर ने की.
करीब साढ़े पांच मिनट तक चला लेझीम का प्रदर्शन
स्वप्नील डांगरेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले सांगली में 7 हजार 338 महिलाओं ने एक साथ लेझीम वादन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. रविवार को डोंबिवली में 9 हजार 111 महिलाओं और छात्राओं ने सामूहिक रूप से लेझीम प्रस्तुत कर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
करीब साढ़े पांच मिनट तक चले इस प्रदर्शन में महिलाओं ने विभिन्न प्रात्यक्षिक प्रस्तुत किए और तालमेल के साथ लेझीम वादन कर नया इतिहास रच दिया. कार्यक्रम के दौरान स्वप्नील डांगरेकर ने विधायक रविंद्र चव्हाण की पत्नी सुहासिनी रवींद्र चव्हाण को विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र और पदक प्रदान किया.
प्रधानमंत्री के संकल्प से प्रेरित आयोजन
इस अवसर पर विधायक रविंद्र चव्हाण ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि लेझीम हमारी परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष शारीरिक व्यायाम को बढ़ावा देने और विश्व के सामने सशक्त भारत का उदाहरण प्रस्तुत करने का संकल्प लिया है. उसी भावना से महिलाओं और छात्राओं ने एक साथ आकर यह अनोखा विश्व रिकॉर्ड बनाया है.
उत्साह और देशभक्ति के नारों से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला. जैसे ही विश्व रिकॉर्ड बनने की घोषणा हुई, मैदान में मौजूद हजारों लोगों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई.
इस दौरान पूरा परिसर “भारत माता की जय”, “जय श्रीराम” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा. ढोल-ताशों की गूंज और लेझीम की ताल के बीच डोंबिवलीकरों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जोरदार स्वागत किया. सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन को देखने के लिए मैदान में पहुंच गए थे और विश्व रिकॉर्ड बनने के बाद सभी प्रतिभागियों की जमकर सराहना की गई.