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BMC चुनाव की काउंटिंग में पहली बार इस्तेमाल होगा PADU, जानिए क्या है और कैसे करेगा काम

मुंबई नगर निगम चुनाव की वोट काउंटिंग में इस बार PADU यानी प्रिंटिंग ऑक्जिलरी डिस्प्ले यूनिट का इस्तेमाल किया जाएगा. यह सिस्टम EVM में तकनीकी खराबी आने पर बैकअप के तौर पर काम करेगा. चुनाव आयोग का कहना है कि PADU का इस्तेमाल सिर्फ बेहद खास परिस्थितियों में ही किया जाएगा.

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PADU मशीन का इस्तेमाल सिर्फ गंभीर परिस्थिति में किया जाएगा. (Photo- ITG)
PADU मशीन का इस्तेमाल सिर्फ गंभीर परिस्थिति में किया जाएगा. (Photo- ITG)

मुंबई नगर निगम चुनाव की मतगणना में पहली बार PADU (प्रिंटिंग ऑक्ज़िलरी डिस्प्ले यूनिट) के इस्तेमाल को लेकर सियासत तेज हो गई है. जहां राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे केवल तकनीकी खराबी की स्थिति में इस्तेमाल होने वाला एक बैकअप सिस्टम बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसकी टाइमिंग और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं.

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को पहले से इसकी पूरी जानकारी नहीं दी गई. वहीं निर्वाचन आयोग का कहना है कि PADU का इस्तेमाल बेहद असाधारण परिस्थितियों में ही होगा और इसके लिए राजनीतिक दलों को डेमो भी दिया गया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि वोटों की गिनती की मूल प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

PADU क्या है और क्यों हो रही है चर्चा?

मुंबई में 16 जनवरी को होने वाली नगर निगम चुनाव की मतगणना में पहली बार PADU यानी Printing Auxiliary Display Unit का इस्तेमाल किया जाएगा. हाल के दिनों में PADU को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी चर्चा हो रही है. इसका मकसद EVM में तकनीकी दिक्कत आने की स्थिति में वोटों की गिनती को बिना रोके पूरा करना है.

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PADU क्यों लाया गया?

मतगणना की तय प्रक्रिया के अनुसार, वोटों की गिनती के लिए कंट्रोल यूनिट (CU) को बैलेट यूनिट (BU) से जोड़ा जाता है. लेकिन अगर दोनों यूनिट जोड़ने के बाद भी तकनीकी समस्या आती है या डिस्प्ले काम नहीं करता, तो PADU का इस्तेमाल किया जाएगा. PADU को एक बैकअप सिस्टम के तौर पर लाया गया है, ताकि मतगणना प्रभावित न हो.

PADU को आसान भाषा में समझें

आसान भाषा में कहें तो PADU एक सहायक मशीन है जो वोटिंग मशीन में दर्ज डेटा को पढ़ सकती है. अगर कंट्रोल यूनिट की स्क्रीन खराब हो जाए या रिजल्ट दिखने में दिक्कत आए, तो PADU को CU से जोड़ा जाता है. इसके जरिए वोटों का लिखित और साफ रिजल्ट तुरंत देखा जा सकता है.

कितने PADU लगाए जाएंगे?

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने कुल 140 PADU उपलब्ध कराए हैं. इन्हें सिर्फ आपात स्थिति में इस्तेमाल किया जाएगा और ये सभी रिटर्निंग ऑफिसर्स के पास सुरक्षित रखे गए हैं.

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि PADU का इस्तेमाल मनमाने ढंग से नहीं किया जाएगा. यह केवल बेहद असाधारण तकनीकी समस्या आने पर ही उपयोग में लाया जाएगा. BMC चुनाव में BEL की M3A श्रेणी की EVM मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है, जो चुनाव आयोग की मशीनें हैं.

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विपक्ष ने क्या सवाल उठाए?

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने PADU को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इस नई व्यवस्था की जानकारी राजनीतिक दलों को पहले से नहीं दी गई. राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर BMC ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को PADU का डेमो भी दिया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

वर्ली स्थित G साउथ काउंटिंग सेंटर की रिटर्निंग ऑफिसर वरशाराणी भोसले ने बताया कि PADU काउंटिंग सेंटर्स पर पहुंच चुका है. यह दिखने में EVM के कंट्रोल यूनिट जैसा ही है. इसके इस्तेमाल को लेकर ट्रेनिंग दी जा चुकी है और जरूरत पड़ने पर इंजीनियर भी मौके पर मौजूद रहेंगे.

वर्ली में कैसी होगी काउंटिंग?

वर्ली में वार्ड 193 से 199 तक कुल 7 वार्डों की गिनती होगी. बैलेट पेपर काउंटिंग के लिए 4 टेबल इस बार BMC ने काउंटिंग की रफ्तार बढ़ाने के लिए दो वार्डों की गिनती एक साथ करने का फैसला लिया है.

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