शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. मिडिल ईस्ट संकट और घरेलू राजनीति पर बोलते हुए राउत ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने ‘टीम इंडिया’ की अवधारणा पर सवाल उठाए और कहा कि संकट के समय सत्ता और विपक्ष को साथ आना चाहिए, न कि राजनीतिक दिखावा करना चाहिए.
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने 'टीम इंडिया' की अवधारणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह एक राष्ट्रीय सोच है, लेकिन मौजूदा सरकार में इसकी झलक नहीं दिखती. दरअसल, पीएम मोदी ने शुक्रवार को मिडिल ईस्ट संकट को लेकर देशभर के मुख्यमंत्रियों से बात की थी. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि सभी को टीम इंडिया की भावना से काम करना होगा ताकि इस स्थिति से निपटना जा सके. इसी को लेकर अब राउत ने सवाल उठाए हैं.
राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि संकट के समय राजनीतिक मतभेद भुलाकर सत्ता पक्ष और विपक्ष को एक साथ आना चाहिए, लेकिन सरकार ऐसा करने के बजाय 'टीम इंडिया' का ढोंग कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि इतने गंभीर मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए थी, जो नहीं हुई.
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को वापस लेने का फैसला उनके बयान के बाद लिया गया, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोगों में डर और दहशत फैलाने से बचना जरूरी है.
ईंधन और गैस के मुद्दे पर राउत ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि देश में पर्याप्त भंडार है, तो जनता को उस पर भरोसा करना चाहिए. उन्होंने भारत-ईरान संबंधों के चलते ईंधन आपूर्ति को लेकर सकारात्मक संकेत भी दिए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने महाराष्ट्र की राजनीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 40 विधायकों के कथित तौर पर कहीं जाने की बात सामने आई है, तो मुख्यमंत्री को इसका खुलासा करना चाहिए. साथ ही यह भी पूछा कि उन्हें विमान सुविधा किसने दी और वे दिल्ली क्यों जा रहे थे.
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि 'टीम महाराष्ट्र' बनाई जाए, जिसमें विपक्ष को भी शामिल किया जाए, ताकि राज्य के सामने खड़े संकट का मिलकर समाधान निकाला जा सके. उन्होंने विपक्ष के नेता की नियुक्ति की भी मांग की.
राउत ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया और कहा कि आप लाखों वोट काट लो, लेकिन ममता बनर्जी ही जीतेंगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि देश की जनता ने मानवीय आधार पर 500 करोड़ रुपये इकट्ठा कर ईरान की मदद की, जो एक सकारात्मक पहल है.
(रिपोर्ट-विक्रांत चौहान)