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कोच्चि के बाद मुंबई हवाई अड्डे पर भी तृप्ति देसाई का जमकर विरोध

तृप्ति देसाई का आरोप है कि बीजेपी के लोग उनका विरोध कर रहे हैं और विरोध प्रदर्शन के पीछे राजनीतिक साजिश है.

फाइल फोटो (PTI) फाइल फोटो (PTI)

सबरीमाला मंदिर में बिना दर्शन किए और लोगों के विरोध के चलते बीती रात भूमाता ब्रिगेड की तृप्ति देसाई को बैरंग मुंबई लौटना पड़ा. मुंबई एयरपोर्ट पर भी सबरीमाला मंदिर के श्रद्धालुओं ने उनका जमकर विरोध किया.

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. महाराष्ट्र की महिला अधिकार कार्यकर्ता और भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक तृप्ति देसाई इस मंदिर में प्रवेश को लेकर शुक्रवार को कोच्चि एयरपोर्ट पहुंची थीं. उनके साथ 6 महिला अधिकार कार्यकर्ता और भी थीं. तृप्ति देसाई की जिद थी कि सुप्रीम कोर्ट जब मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की मंजूरी दे चुका है, तो क्यों प्रशासन उन्हें दर्शन की इजाजत नहीं देता.

कोच्चि एयरपोर्ट के बाहर तृप्ति के विरोध में भारी भीड़ जमा थी. हालांकि सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे. आपको बता दें कि तृप्ति देसाई ने ही शनि सिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर सफल आंदोलन का नेतृत्व किया था लेकिन शुक्रवार को जिस तरह उनका विरोध किया गया, उसके चलते उनको बैरंग मुंबई वापस आना पड़ा.

तृप्ति देसाई की मानें तो केरल में न तो कोई रुकने के लिए अपना होटल देना चाहता था और न ही कोई टैक्सी. स्थानीय लोगों को ये भी डर था कि अगर तृप्ति को अपनी गाड़ी में बिठाया तो उनकी गाड़ी को तोड़ दिया जाएगा. तृप्ति देसाई ने मुंबई एयरपोर्ट के बाहर निकलने की कोशिश की तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया. देसाई ने आरोप लगाया है कि इस मामले को बीजेपी राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है.

सबरीमला जा रही संघ नेता गिरफ्तार, विरोध में हड़ताल

भगवान अयप्पा स्वामी के दर्शन के लिए सबरीमला जा रही संघ परिवार की वरिष्ठ नेता की गिरफ्तारी के विरोध में दक्षिणपंथी हिन्दू संगठनों ने शनिवार को केरल में सुबह से शाम तक हड़ताल बुलाई है.  विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष एस. जे. आर. कुमार ने आरोप लगाया कि हिन्दू एक्यावेदी प्रदेश अध्यक्ष के. पी. शशिकला को पुलिस ने सबरीमला के निकट माराकोट्टाम से शुक्रवार देर रात करीब ढ़ाई बजे गिरफ्तार किया.

कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि वह भगवान की पूजा करने के लिए पूजन सामग्री लेकर पहाड़ी पर चढ़ रही थीं, उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया. कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सरकार सबरीमला मंदिर को नष्ट करना चाहती है. विहिप नेता ने कहा कि हड़ताल के दौरान जरूरी सुविधाओं और अयप्पा श्रद्धालुओं के वाहनों को नहीं रोका जाएगा.

उच्चतम न्यायालय द्वारा अयप्पा स्वामी मंदिर में सभी आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दिए जाने के बाद मंदिर तीसरी बार खुला है. शनिवार से शुरू हो रही दो महीने लंबी तीर्थ यात्रा के लिए मंदिर शुक्रवार को खुला. यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

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