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सबरीमाला मंदिर: आज रात एंट्री करेंगी तृप्ति देसाई, राहुल ईश्वर बोले- देख लेंगे

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को जाने की इजाजत दी थी, लेकिन मंदिर खुलने के बाद श्रद्धालुओं के विरोध प्रदर्शन के चलते कोई महिला मंदिर में एंट्री नहीं ले सकी थीं.

भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक तृप्ति देसाई (फाइल फोटो) भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक तृप्ति देसाई (फाइल फोटो)

सबरीमाला मंदिर को लेकर केरल में तनाव बढ़ता ही जा रहा है. भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक तृप्ति देसाई ने गुरुवार रात मंदिर में एंट्री करने का ऐलान किया है जबकि अयप्पा धर्म सेना के राहुल ईश्वर ने तृप्ती देसाई को देख लेने की धमकी देते हुए कहा है कि हम जमीन पर लेट जाएंगे. हम विरोध करेंगे और किसी भी कीमत पर उन्हें मंदिर में पूजा करने से रोकेंगे. इससे टकराव बढ़ने की आशंका बढ़ गई है.

सोशल मीडिया पर मिली धमकियों के बाद तृप्ति देसाई ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को पत्र लिखकर सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में जाने के लिए सुरक्षा की मांग की है.

तृप्ति ने इससे पहले बताया था कि सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद वह 16 से 20 नवंबर के बीच सबरीमाला के मंदिर में जाने की कोशिश करेंगी. अब, भूमाता ब्रिगेड ने विजयन को खत लिखकर 17 नवंबर को दर्शन के दौरान सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने बताया था कि राज्य में एंटर करने से लेकर वापस आने तक उन्हें सुरक्षा चाहिए होगी. उन्हें केरल आने पर 'बुरे परिणाम भुगतने' की धमकियां मिल चुकी हैं. कई लोगों ने खुदकुशी की धमकी भी दी है. उन्होंने कहा था कि कई महिलाओं ने उनसे पहले जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस प्रटेक्शन और सपॉर्ट न मिलने की वजह से वह फेल हो गईं. इसलिए, मंदिर की सीढ़िया बिना परेशानी के चढ़ने के लिए उन्होंने सरकार से सुरक्षा मांगी है.

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को जाने की इजाजत दी थी, लेकिन मंदिर खुलने के बाद श्रद्धालुओं के विरोध प्रदर्शन के चलते कोई महिला मंदिर में एंट्री नहीं ले सकी थीं.

तृप्ति देसाई ने कहा कि हमें पहले ही धमकियां मिल चुकी हैं. कुछ लोगों ने धमकियां दी हैं कि मैंने अगर केरल में प्रवेश किया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. कई लोगों ने धमकी दी है कि यह हम मंदिर की सीढ़ियां चढ़े तो वे आत्महत्या कर लेंगे.

तृप्ति देसाई को देख लेंगे-राहुल ईश्वर

वहीं, तृप्ति देसाई के ऐलान पर राहुल ईश्वर ने कहा कि भले ही वह अपने एक्टीविज्म के लिए जानी जाती हैं, लेकिन हम भी भगवान अयप्पा के पक्के भक्त हैं. हम सड़क पर लेट जाएंगे. उन्हें (तृप्ति देसाई) हमारे सीने पर चढ़कर गुजरना होगा. यह संवैधानिक रूप से विरोध का पवित्र तरीका है.देखते वह मंदिर में कैसे एंट्री करती हैं.

बता दें कि तृप्ति देसाई शनिधाम शिंगणापुर मंदिर, हाजी अली दरगाह, महालक्ष्मी मंदिर और त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर सहित कई धार्मिक जगहों पर महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दिलाने के अभियान की अगुवाई करती रही हैं.

सर्वदलीय बैठक में नहीं बनी बात

गुरुवार को मंदिर में हर उम्र की महिलाओं की एंट्री को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही. कांग्रेस और बीजेपी ने सरकार से कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसले को लागू करने के लिए और वक्त मांगे. दोनों दलों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया. वहीं केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने पर अडिग है. केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने महिलाओं के प्रवेश के लिए कुछ नियम बनाने के संकेत दिए हैं.

गौरतलब है कि सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर सदियों पुरानी पाबंदी को हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के माकपा की अगुवाई वाली केरल सरकार के फैसले के खिलाफ विपक्षी कांग्रेस, भाजपा, आरएसएस और दक्षिणपंथी संगठन कई प्रदर्शन कर चुके हैं. इस मंदिर को अक्टूबर में चार दिनों और इस महीने दो दिनों के लिए पूजा के वास्ते खोला गया था जब प्रदर्शन किया गया था. शीर्ष न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के अपने फैसले पर बुधवार को रोक लगाने से इंकार कर दिया.

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