महाराष्ट्र में इन दिनों मौसम बदल रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, पुणे, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और पालघर जैसे जिलों में बारिश और गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी दी है. मुंबई के मौसम की बात करें तो आज सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं. कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो रही है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मुंबई में आज दिन भर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में मौसम ने एक तरफ जहां राहत दी तो दूसरी तरफ गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है. राज्य के कई हिस्सों में बीते दिन यानी शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा तो वहीं पुणे शहर में प्री-मॉनसून की अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पुणे में शुक्रवार को 13.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा. इस हल्की बारिश ने शहरवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत दी है. बता दें कि सातारा जिले में भी हल्की बारिश हुई है.
इसके अलावा उत्तरी महाराष्ट्र के नंदुरबार में तापमान 40 डिग्री पहुंच गया, जबकि मालेगांव में पारा 41 डिग्री तक चढ़ गया. मराठवाड़ा क्षेत्र में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. परभनी में 41.3 डिग्री और छत्रपति संभाजीनगर में 41.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. मुंबई में गर्मी का असर कम रहा. कोलाबा में अधिकतम तापमान 35 डिग्री और सांताक्रुज में 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा.
मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में मॉनसून पर नजर रखी जा रही है. पुणे और आसपास के इलाकों में बारिश से किसानों को भी फायदा हो सकता है, लेकिन राज्य के शुष्क इलाकों में अभी भी जल संकट की आशंका बनी हुई है.
मॉनसून कब देगा दस्तक?
मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून 24 मई को अंडमान तट पर दस्तक दे सकता है. वहीं, केरल में 26 मई को मॉनसून के पहुंचने की संभावना है. इसके अलावा उत्तर भारत में 22 जून के आसपास मॉनसून पहुंच सकता है. अच्छी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस साल सामान्य से पहले आगे बढ़ रहा है. सामान्य तारीख से लगभग एक सप्ताह पहले ही केरल में मॉनसून की दस्तक की संभावना है.
यदि मौसम अनुकूल रहा तो मॉनसून उत्तर भारत में 22 जून के आसपास पहुंच सकता है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मॉनसून की रफ्तार बनी रही तो पंजाब-हरियाणा सहित उत्तर भारत को जून के तीसरे सप्ताह में ही राहत मिलने की उम्मीद है. इस समय लोगों की निगाहें मॉनसून की प्रगति पर टिकी हुई हैं.