पुणे पोर्शे क्रैश केस एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार मामला किसी नए कानूनी मोड़ से नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है. वीडियो में आरोपी नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल को परिवार के साथ पार्टी करते हुए देखा जा रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे न्याय प्रक्रिया का अपमान बताया है. हालांकि, आरोपी के परिवार की सफाई भी आई.
आरोपी नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल ने दावा किया कि यह फुटेज 2 सितंबर, 2023 को गोवा में उनकी शादी की 25वीं सालगिरह के जश्न के दौरान रिकॉर्ड किया गया था. जो 19 मई, 2024 को हुई जानलेवा दुर्घटना और FIR दर्ज होने से कई महीने पहले की बात है.
हालांकि, वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा था कि यह वीडियो सुप्रीम कोर्ट द्वारा 10 मार्च को विशाल अग्रवाल को जमानत दिए जाने के कुछ दिनों बाद रिकॉर्ड किया गया था.
वीडियो में विशाल अग्रवाल को एक रेस्टोरेंट जैसी जगह पर परिवार के साथ जश्न मनाते हुए देखा जा सकता है. वह फूलों की माला और नोटों की माला पहने हुए दिखाई देते हैं. बैकग्राउंड में लोग ताली बजाते और खुश होते नजर आते हैं. वह बॉलीवुड गाने बंबई से आया मेरा दोस्त पर डांस करते दिखते हैं.
वीडियो में यह भी देखा गया कि उनके बेटे उन्हें उठाते हैं और परिवार के अन्य सदस्य भी इस जश्न में शामिल होते हैं. उनकी पत्नी भी इस दौरान मौजूद रहती हैं और समारोह में भाग लेती दिखती हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद पीड़ित परिवार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है. पीड़ित के पिता सुरेश कोश्टा ने कहा कि आरोपी परिवार का इस तरह जश्न मनाना आम लोगों का अपमान है. उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि कानून का डर खत्म हो गया है.
#WATCH | 2024 Pune Porsche crash case | Jabalpur, MP: On bail to the juvenile accused and viral video of celebration by his family, Suresh Koshta, father of Ashwini - one of the deceased, says, "It must be a practice in their society to kill two people and then celebrate...They… pic.twitter.com/BcZ8sikInJ
— ANI (@ANI) May 27, 2026
सुरेश कोश्टा ने यह भी कहा कि न्याय व्यवस्था को ऐसा फैसला देना चाहिए जिससे लोगों में कानून का डर बना रहे. उन्होंने नाबालिग अपराधियों से जुड़े कानूनों पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों. उन्होंने यह भी मांग की कि आरोपी को दी गई जमानत रद्द की जाए और जांच में कथित रूप से सबूतों से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो.
यह मामला 19 मई 2024 की उस दर्दनाक घटना से जुड़ा है जब पुणे के कल्याणी नगर इलाके में एक पोर्शे कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी. इस हादसे में दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी. आरोप है कि कार एक 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था और वह नशे की हालत में था. इस घटना के बाद पूरे देश में भारी आक्रोश देखने को मिला था. मामले में सबूतों से छेड़छाड़ और जांच को प्रभावित करने के आरोप भी लगे थे. जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि नाबालिग को बचाने के लिए मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर की कोशिश की गई और रक्त नमूनों को बदलने की साजिश भी रची गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने 10 मार्च को इस मामले से जुड़े रक्त नमूना अदला-बदली के आरोपों में विशाल अग्रवाल को जमानत दी थी. कोर्ट ने कहा था कि अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है और विशाल अग्रवाल लगभग 22 महीने से हिरासत में थे. जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस पूरे मामले में एक बड़ी साजिश के तहत सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी. हालांकि अदालत में मामला अभी भी विचाराधीन है और जांच जारी है.
सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों के बीच फिर गरमाया मामला
इस बीच वायरल वीडियो ने एक बार फिर से मामले को चर्चा में ला दिया है. पीड़ित परिवार की नाराजगी के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि क्या ऐसे गंभीर मामलों में आरोपी पक्ष का सार्वजनिक व्यवहार न्याय व्यवस्था पर असर डालता है या नहीं. फिलहाल सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर बहस जारी है और मामले में नई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. अदालत में चल रही सुनवाई पर भी लोगों की नजर बनी हुई है.