पुणे में अवैध हथियारों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां कूरियर बॉय, डिलीवरी बॉय और ड्राइवर का काम करने वाले चार लोगों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए हैं. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 9 पिस्तौल, 46 जिंदा कारतूस और 5 मैगजीन बरामद की हैं. जब्त किए गए इस हथियार जखीरे की कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है. इतनी बड़ी मात्रा में हथियार मिलने से पुलिस भी सतर्क हो गई है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान अजहरुद्दीन रफीक सुतार, वैभव अशोक शेटे, सौरव धनंजय जाधव और अक्षय अशोक कांबले के रूप में हुई है. खास बात यह है कि ये सभी आरोपी आमतौर पर कूरियर बॉय, डिलीवरी बॉय और ड्राइवर के तौर पर काम करते थे. यही वजह है कि इन पर किसी को आसानी से शक नहीं होता था. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास इतने बड़े स्तर पर हथियार कहां से आए. इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था. क्या किसी बड़ी वारदात की साजिश रची जा रही थी या फिर इन हथियारों को बेचने की योजना थी, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.
कूरियर और डिलीवरी की आड़ में हथियारों का जखीरा
इस पूरे मामले की जांच पिंपरी-चिंचवड़ की क्राइम ब्रांच यूनिट-1 कर रही है. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नरेंद्र ठाकरे की टीम इस जांच को आगे बढ़ा रही है. मामले की जानकारी सहायक पुलिस आयुक्त विशाल हिरे ने दी है. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा.
इस गंभीर मामले में पिंपरी पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. बता दें, हाल ही में पुणे के देहूरोड इलाके में रमेश रेड्डी नाम के एक व्यक्ति की 21 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी. हालांकि, पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. ऐसे में ताजा हथियार बरामदगी को भी पुलिस गंभीरता से ले रही है.
हथियार कहां से आए और क्या था मकसद, जांच जारी
पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय में पिछले कुछ महीनों से अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे के मार्गदर्शन में चल रहा है. हाल की यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि आम दिखने वाले लोग किस तरह अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े और भी खुलासे सामने आएंगे.