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सचिन वाझे की बहाली फाइल पर किसके दबाव में मोस्ट अर्जेंट लिखा था, परमबीर सिंह ने बताया

क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) में वाझे की पोस्टिंग के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि सीआईयू एक खुफिया इकाई थी और क्राइम ब्रांच की जांच इकाइयों की तरह महत्वपूर्ण नहीं थी. इसलिए, वाझे को वहां तैनात किया गया था.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • अप्रैल 2020 में वाझे की बहाली के लिए देशमुख का आया था फोन: परमबीर सिंह
  • सिंह ने सीबीआई को अधिकारियों के नाम बताए, जिनकी पसंदीदा पोस्टिंग की गई

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने खुलासा किया है कि उन्होंने किसके कहने पर सचिन वाझे की बहाली वाली फाइल पर मोस्ट अर्जेंट लिखा था. महाराष्ट्र सरकार की ओर से निलंबित किए जाने के बाद से परमबीर सिंह चंडीगढ़ में रह रहे हैं और उन्होंने इस बात का खुलासा चंडीगढ़ में सीबीआई से पूछताछ में किया था.

सीबीआई को दर्ज कराए गए बयान में परमबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के दबाव के कारण सचिन वाझे की बहाली फाइल पर मोस्ट अर्जेंट लिखा था. बता दें कि परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था जिसके बाद उन्हें महाराष्ट्र सरकार ने निलंबित कर दिया था. 
 
परमबीर बोले- मैं वाझे को रोकने के लिए देशमुख का सामना कर सकता था

परमबीर सिंह ने कहा कि सचिन वाझे ने उन्हें कहा था कि अनिल देशमुख के कहने पर वह मुंबई में बार और ऑर्केस्ट्रा से जबरन वसूली करेगा. हालांकि सिंह ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि वाझे ने वास्तव में मंत्री के लिए पैसा इकट्ठा किया था. सिंह ने कहा कि अगर मुझे इसकी जानकारी होती तो मैं उसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाता और इसके लिए मैं देशमुख का भी सामना कर सकता था. 

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सिंह ने सीबीआई अधिकारियों को बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था और देशमुख के भ्रष्टाचार को लेकर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और शरद पवार से भी मुलाकात की थी. उन्होंने सीनियर अधिकारियों (पीईबी -1) के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए पुलिस स्थापना बोर्ड की बैठकों के कामकाज के अलावा पूरे महाराष्ट्र में निरीक्षकों, उप-निरीक्षकों और अधीनस्थ कर्मचारियों के भी ट्रांसफर- पोस्टिंग में देशमुख के हस्तक्षेप के बारे में बताया था. सिंह ने कहा, "दो चरणों में हस्तक्षे होता था, पहला- संबंधित शहर में अधिकारियों की पोस्टिंग और उसके बाद उन अधिकारियों को शहर के भीतर उनके पसंदीदा स्थानों पर पोस्टिंग."

सिंह ने सीबीआई को अधिकारियों के नाम बताए, जिनकी पसंदीदा पोस्टिंग की गई

जब सिंह से पूछा गया कि क्या वह किसी ऐसे मामले के बारे में जानते हैं जिसमें किसी स्पेशल सीनियर पुलिस अधिकारी के ट्रांसफर या पोस्टिंग को प्रभावित किया गया हो? इस पर सिंह ने कहा कि वह जानते हैं कि सिंचाई मंत्री जयंत पाटिल के रिश्तेदार सचिन पाटिल नासिक (ग्रामीण) के एसपी के पद पर तैनात हैं. श्रीधर जी एसपी (बीड) और राहुल श्रीराम को वरिष्ठता और योग्यता मानदंड की अनदेखी करते हुए अनुकूल पोस्टिंग दी गई थी. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि पुलिस आयुक्त की ओर से ऐसी मनमानी पोस्टिंग पर कोई आपत्ति नहीं उठाई गई थी. आपत्तियां उठाई थीं और मेरे सामने एसके जायसवाल, डीजी (अब सीबीआई प्रमुख) ने भी आपत्तियां उठाई थीं. उन्होंने कहा कि आपत्तियों को बैठकों में दर्ज करने की अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए केवल मौखिक रूप से अवगत कराया गया था लेकिन अक्सर आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया और पसंदीदा अधिकारियों को पसंद पोस्टिंग दी गई.

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सीबीआई अधिकारियों ने सिंह से पूछा, "क्या आपके द्वारा 2020 में डीसीपी के ट्रांसफर के लिए कोई आदेश जारी किया गया था जिसे बाद में रद्द करने की आवश्यकता थी?" इस पर सिंह ने जवाब दिया, "आदेश मेरे द्वारा जारी किया गया था लेकिन सीएम के निर्देश के तहत इसे रद्द करना पड़ा. मैं कहता हूं कि जुलाई 2020 में पीईबी द्वारा 10 डीसीपीएस की पोस्टिंग का आदेश दिया गया था. इसके 2-3 दिन बाद तत्कालीन एसीएस (गृह) सीताराम कुंटे ने मुझे फोन किया और यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा, क्योंकि ये सीएम के निर्देश थे. मैंने विरोध किया लेकिन उन्होंने एक व्हाट्सएप मैसेज भेजा. सिंह ने कुंटे के व्हाट्सएप मैसेज की एक प्रति सीबीआई को सौंपी.

अप्रैल 2020 में वाझे की बहाली के लिए देशमुख का आया था फोन: परमबीर सिंह

सिंह ने कहा कि 5-6 अप्रैल 2020 के आसपास उन्हें देशमुख का फोन आया था कि वाझे जो तब तक 16 साल से निलंबित थे, को फिर से बहाल किया जाना चाहिए. सिंह ने कहा कि देशमुख के फोन के बाद वाझे मेरे कार्यालय में आए और 7 अप्रैल को बहाली के लिए आवेदन जमा किया. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख और कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के दबाव डालने के बाद मैंने वाझे की बहाली फाइल पर मोस्ट अर्जेंट लिखा. 

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सिंह ने कहा कि सचिन वाझे की बहाली में कुछ समय लगा. इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे वाझे की बहाली के संबंध में अपडेट लिया. इसके अलावा देशमुख ने कई बार इस संबंध में अपडेट लिया. परमबीर सिंह ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की ओर से वाझे को कुछ महत्वपूर्ण पोस्टिंग देने के लिए कहा गया जिसके बाद मैंने वाझे को क्राइम ब्रांच में शामिल किया. 

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