महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को ऐसा कुछ देखने को मिला जो सालों से दिख नहीं था. कजिन सुप्रिया सुले और अजित पवार एक साथ मंच साझा करते हुए नज़र आए, जिसे स्थानीय राजनीति में एक नई रणनीतिक मिसाल माना जा रहा है. पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों के एनसीपी (एसपी) और एनसीपी ने एकजुट होकर प्रेस वार्ता में संयुक्त मेनिफेस्टो जारी किया है.
मेनिफेस्टो में प्रमुख मुद्दों पर खास ध्यान दिया गया है. सुप्रिया सुले ने पुणे और मुंबई में सक्रिय टैंकर माफिया की समस्या को उठाते हुए कहा कि पानी की कमी के बीच अवैध टैंकर कारोबार ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है. उन्होंने इस माफिया को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि लोगों को जल सेवाओं के लिए उत्पीड़न न सहना पड़े.
इस संयुक्त मेनिफेस्टो में शहर की यातायात समस्या का भी समाधान बताया गया है. पुणे में 33 मिसिंग रोड लिंक जोड़े जाने का वादा किया गया है, जिससे सड़क नेटवर्क बेहतर होगा और ट्रैफिक जाम में कमी आएगी. साथ ही सड़कों को चौड़ा करने और ट्रैफिक प्रवाह सुधारने के भी प्रावधान शामिल हैं.
सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिए मुफ्त बस और मेट्रो यात्रा की योजना भी घोषणापत्र का हिस्सा है, जो निजी वाहनों पर निर्भरता और प्रदूषण को घटाने की दिशा में अहम कदम होगी. स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए हर नागरिक के नज़दीक दो किलोमीटर के दायरे में अस्पताल उपलब्ध कराए जाने का भी आश्वासन दिया गया है.
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पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु हाउसिंग सोसायटी को 20 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स में छूट और ‘ग्रीन सोसायटी’ सर्टिफिकेशन देने की योजना भी शामिल की गई है. प्रेस वार्ता में बताया गया कि फिलहाल दोनों पार्टियों के विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं है.
सुप्रीया सुले ने रश्मि शुक्ला के रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुआ कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में ऐसा कोई काम नहीं हुआ. वह सरकार हमारी ही थी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसमें देवेंद्र फडणवीस को फंसाने की कोई कोशिश की गई थी.
कुल मिलाकर, यह मेनिफेस्टो शहरी विकास, जल प्रबंधन, यातायात, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर और स्थायी समाधान प्रदान करने का प्रयास है. सुप्रिया सुले और अजित पवार की साझा उपस्थिति इस गठबंधन की ताकत और चुनावी मजबूती का परिचय देती है.