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पकाई जा रही बिरयानी और गुलाबजामुन, साइन कराए जा रहे हलफनामे, ऐसे अजित गुट में लुभाए जा रहे नेता

एनसीपी की टूट के बाद आज मुंबई में दोनों गुट अपनी-अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं. अजित पवार MET कॉलेज में अपने नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. यहां नेताओं के लिए बिरयानी और गुलाब जामुन पकाये जा रहे हैं. करीब 30 विधायक बैठक में पहुंच चुके हैं.

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अजित पवार के गुट की बैठक में इस तरह नेताओं से फॉर्म भराए जा रहे हैं. (फोटो-एजेंसी)
अजित पवार के गुट की बैठक में इस तरह नेताओं से फॉर्म भराए जा रहे हैं. (फोटो-एजेंसी)

एनसीपी पर कब्जे के लिए मुंबई में आज पार्टी के दोनों गुटों की अहम मीटिंग हो रही है. इन बैठकों के जरिए दोनों गुट अपनी-अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं. विधायकों को लुभाने के लिए दोनों ही गुट एक से बढ़कर एक जतन कर रहे हैं. MET कॉलेज में अजित पवार गुट की बैठक चल रही है. यहां विधायकों के लिए गुलाबजामुन और बिरयानी पकाई जा रही है.

इसके साथ ही यहां आने वाले नेताओं से हलफनामे में साइन भी कराए जा रहे हैं. मीटिंग वाली जगह पर अलग से रजिस्ट्रेशन काउंटर लगाए गए हैं. इन काउंटर्स पर जब लोग रजिस्ट्रेशन कराने आ रहे हैं तो उनसे एफिडेविट पर साइन कराए जा रहे हैं. 

रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले लोगों को उनके नाम के साथ-साथ आधार कार्ड भी देना पड़ रहा है. यह रजिस्ट्रेशन 100 रु. के बॉन्ड पेपर पर कराया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक अजित पवार की मीटिंग में अब तक 30 विधायक पहुंच चुके हैं. 

खेमाबंदी में कौन किसके साथ?

अजित पवार गुट भले ही 40 विधायकों के समर्थन की बात कर रहा है, लेकिन पार्टी के विधायक तीन गुटों में बंट गए हैं. एक गुट अजित, तो दूसरा गुट शरद पवार के साथ है. जबकि विधायकों का एक धड़ा ऐसा भी है जो अभी अगर-मगर की स्थिति में फंसा हुआ है और ये फैसला नहीं कर पा रहा है कि जाएं तो जाएं कहां? अजित के साथ जाएं या शरद पवार के साथ रहें?

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15 विधायक अभी 'वेट एंड वॉच' में

बताया जा रहा है कि अजित के पास अभी 24 विधायकों का समर्थन है. जबकि शरद पवार के समर्थन में 14 विधायक हैं. जबकि 15 विधायक ऐसे हैं, जो अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं. यानी किसी भी गुट में जाने का फैसला नहीं किया.

अजित के साथ मंत्री बने विधायक 

धनंजय मुंडे (परली), छगन भुजबल (येओला), दिलीप वाल्से पाटिल (अंबेगांव), अदिति तटकरे (श्रीवर्धन), हसन मुश्रिफ (कागल), अनिल पाटिल (अमलनेर), धर्मरावबाबा अत्राम (अहेरी), संजय बनसोडे (उद्गीत).

पवार के खेमे में ये विधायक

सुनील टिंगरे (वडगांव शेरी), सुनील शेलके (मावल), अतुल बेंके( जुन्नार), अशोक पवार ( शिरूर), सरोज अहिरे (देवलाली), नरहरि ज़िरवाल ( डिंडोरी), इंद्रनील नाइक (पुसद), किरण लाहमाते (अकोले), नीलेश लंके (पारनेर), संग्राम जगताप (अहमदनगर शहर), शेखर निकम (चिपलून), दत्ता भरणे (इंडापुर), अन्ना बंसोडे (पिंपरी), माणिकराव कोकाटे (सिन्नर), दीपक चव्हाण (फलटण).

शरद पवार के साथ ये विधायक

जयन्त पाटिल (वालवा), जीतेन्द्र आव्हाड( मुंब्रा), अनिल देशमुख ( कटोल), रोहित पवार ( कर्जत-जामखेड़), प्राजक्त तनपुरे (राहुरी), संदीप क्षीरसागर ( बीड शहर), दौलत दरोदा (शाहपुर), नवाब मलिक (अणुशक्तिनगर), मकरंद पाटिल (वाई), मानसिंह नाइक (शिराला), सुमनताई पाटिल (तासगांव), बालासाहेब पाटिल (कराड उत्तर), सुनील भुसारा (विक्रमगढ़), चेतन तुपे ( हडपसर).

वे विधायक जो किसी के साथ नहीं

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राजेंद्र शिंगणे (सिंदखेड राजा), राजेंद्र कारेमोरे (तुमसर), मनोहर चंद्रिकापुरे (अर्जुनी मोरगांव), चंद्रकांत नवघरे (वसमत), राजेश टोपे (घनसावंगी), नितिन पंवार (कलवान), दिलीप बनकर (निफाड), दिलीप मोहिते (खेद आलंदी), आशुतोष काले (कोपरगांव), प्रकाश सोलंखे (माजलगांव), राजेश पाटिल (चांदगढ़), यशवंत माने (मोहोल), बबन शिंदे (माधा), बाबासाहेब पाटिल (अहमदपुर), बालासाहेब अजाबे (आष्टी).

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