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महाराष्ट्र के गवर्नर की कॉफी टेबल बुक, पवार ने चिट्ठी लिखकर जमकर कसे तंज

शरद पवार अपनी चिट्ठी में लिखते हैं कि कैसे राज्यपाल ने सुबह की शपथ ग्रहण की तस्वीरें लगाने से परहेज किया. पवार यहां पर उन तस्वीरों का जिक्र कर रहे हैं जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता संघर्ष चल रहा था और शिवसेना से गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी. 

एनसीपी प्रमुख शरद पवार (फोटो- PTI) एनसीपी प्रमुख शरद पवार (फोटो- PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 'कॉफी टेबल बुक' नाम से किताब लिखी
  • एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी
  • 'फडणवीस-अजीत पवार के शपथ ग्रहण की तस्वीरें लगाने से परहेज'

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 'कॉफी टेबल बुक' नाम से एक किताब लिखी है, जिसका 11 सितंबर को विमोचन किया गया. भगत सिंह कोश्यारी ने बतौर राज्यपाल एक साल के अपने कार्यकाल को पूरा करने के बाद ये किताब लिखी है. वहीं, अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने राज्यपाल पर निशाना साधा है. एनसीपी नेता ने भगत सिंह कोश्यारी को चिट्ठी लिखी है और उनकी किताब पर व्यंग्य किया है.   

शरद पवार ने चिट्ठी में कहा कि भारत के संविधान में 'जन राज्यपाल' का कोई उल्लेख नहीं है. पुस्तक का शीर्षक था, जो कहता है कि 'जन राज्यपाल कोश्यारी'. एनसीपी के दिग्गज नेता ने अपने पत्र में आगे लिखा कि कॉफी टेबल बुक से गुजरने के बाद एक या दो शपथ ग्रहण समारोह को छोड़कर कॉफी बुक में स्वागत समारोह, दीक्षांत समारोह और गणमान्य लोगों के साथ बैठकों के बारे में उल्लेख किया गया है.

'शपथ ग्रहण की तस्वीरें लगाने से परहेज' 

शरद पवार अपनी चिट्ठी में लिखते हैं कि कैसे राज्यपाल ने सुबह की शपथ ग्रहण की तस्वीरें लगाने से परहेज किया. पवार यहां पर उन तस्वीरों का जिक्र कर रहे हैं जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता संघर्ष चल रहा था और शिवसेना से गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. 

देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार के शपथ ग्रहण की तस्वीर

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इसके अलावा चिट्ठी में वह गवर्नर को यह भी बताते हैं कि किताब में किसी चीज का जिक्र नहीं है. धर्मनिरपेक्षता पर उद्धव ठाकरे को राज्यपाल की सलाह के बारे में नहीं लिखा गया है.

दरअसल, महाराष्ट्र में मंदिर खोलने को लेकर राज्यपाल कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक तंज भरी चिट्ठी भेजी थी. उन्होंने कहा था कि ये विडंबना ही है कि राज्य में बार और रेस्तरां खुल गए हैं, लेकिन मंदिर अब भी बंद पड़े हैं. कभी हिंदुत्व का कट्टर समर्थन करने वाले आप क्या अचानक सेक्युलर हो गए हैं? राज्यपाल की इस चिट्ठी पर काफी विवाद हुआ था और अब शरद पवार ने अपने पत्र में इसका जिक्र किया है.

गौरतलब है कि राज्यपाल ने 11 सितंबर को अपनी कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और इसकी कॉपियां राज्य के विभिन्न गणमान्य लोगों को भेजी गईं. पवार ने उसी के जवाब में ये चिट्ठी लिखी है.

शरद पवार की राज्यपाल को चिट्ठी

आदरणीय राज्यपाल,
                           मुझे राज्यपाल सचिवालय, महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक 'जनराज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी' प्राप्त हुई.  मैं ईमानदारी से राज्य सरकार को धन्यवाद देता हूं कि मुझे इस तरह के शीर्षक के एक सुंदर प्रिंट के साथ एक प्रसिद्ध कॉफी टेबल बुक भेजी गई है. भले ही वास्तविक रूप से भारतीय संविधान में जन राज्यपाल का कोई उल्लेख नहीं है. जब मैंने कॉफी टेबल बुक का प्रिव्यू किया, तो पाया कि शपथ ग्रहण समारोह, स्वागत समारोह, अभिवादन समारोह, गणमान्य व्यक्तियों की बैठकें और उनमें आपकी भागीदारी की तस्वीरे हैं. लेकिन इसमें खासतौर से एक शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीर नहीं डाली गई है. लेकिन जैसा कि मैंने इस पुस्तक में पाया है कि धर्मनिरपेक्षता पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को दी गई आपकी सलाह और गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी का जिक्र नहीं है. खैर, मैं आपको आपके ऐतिहासिक करियर का लेखा-जोखा भेजने के लिए फिर से धन्यवाद देना चाहूंगा.

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