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'धर्म बदल लो, बीमार पापा ठीक हो जाएंगे', काले जादू की भी सलाह देते थे TCS कांड वाले दानिश और तौसीफ    

Nashik TCS BPO conversion case: नासिक के TCS बीपीओ में कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में पीड़ित कर्मचारी का सनसनीखेज बयान सामने आया है. उसने आरोप लगाया कि टीम लीडर्स धार्मिक आस्था का मजाक उड़ाते थे, जबरन धर्म बदलने का दबाव बनाते थे. मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे कॉर्पोरेट माहौल पर सवाल खड़े हो गए हैं.

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पीले कुर्ते में पीड़ित और सफेद कुर्ते में आरोपी तौसीफ अत्तार (Photo: itg)
पीले कुर्ते में पीड़ित और सफेद कुर्ते में आरोपी तौसीफ अत्तार (Photo: itg)

नासिक में TCS के बीपीओ में कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस बीपीओ में काम करने वाले एक पीड़ित का बयान सामने आया है, जिसे टीम लीडर्स के ग्रुप ने धर्मांतरण के लिए निशाना बनाया था.
 
'उनकी हर बात माननी पड़ती थी'

उसने बताया कि मैंने साल 2022 में कंपनी में काम शुरू किया था. उस समय मेरी टीम में तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और अन्य लोग शामिल थे. तौसीफ अत्तार हमारे टीम लीडर भी थे. इसलिए, हमें उनकी कही हर बात फॉलो करनी पड़ती थी. तौसीफ मुझे अपना और दानिश का काम भी सौंप देता था, जिससे मुझ पर अत्यधिक काम का बोझ पड़ जाता था. टीम लीडर थे तो बात माननी पड़ती थी.

पीड़ित ने कहा कि वे लोग हिंदू देवी दवताओं को भला बुरा कहते थे.  पूछते थे, 'जिसका चेहरा दिखाई देता है, उसे भगवान कैसे माना जा सकता है?' उनका दावा था कि महाराष्ट्र के एक महान राजा केवल मुस्लिम धर्म के गुलाम थे. वे बार-बार कहते थे कि हिंदू देवी-देवता  कहते थे कि   वास्तव में भगवान नहीं हैं. वे कुछ हिंदू देवी-देवताओं और उनके बच्चों के रूप-रंग के आधार पर उनके बारे में अपमानजनक कमेंट भी करते थे. 

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'धर्म बदलवाले के पीछे पड़ गए थे'

इसके अलावा, जब भी हम देर रात तक काम करते थे, वे मुझे रात के खाने के लिए होटल ले जाते थे और जबरदस्ती मुझे नॉन वेज खाने के लिए मजबूर करते थे. मैं मना करता था तो मेरे धार्मिक विश्वासों का अपमान करके मुझे नीचा दिखाते थे. वो दोनों बार- बार सक्रिय रूप से मुझे धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे. वो मेरा धर्म बदलवाले के पीछे पड़ गए थे.

तौसीफ और दानिश ने ऐसा व्यवहार किया हमारे दफ्तर में अन्य पुरुष और महिला सहकर्मियों के साथ भी वे इसी तरह का व्यवहार करते थे; वे सभी पर दबाव डालने की कोशिश करते थे. मुझसे अच्छी दोस्ती बनाने की कोशिश में, तौसीफ और दानिश मेरी पर्सनल और फैमिल प्रॉबलम्स पर चर्चा करते थे, और बाद में मुझे सॉल्युशन के लिए 'काले जादू' का सहारा लेने की सलाह देते थे.

'धर्म बदल लो, बीमार पिता ठीक हो जाएंगे'

उसने आगे बताया कि मार्च 2023 में मेरे पिता को लकवा मार गया. उस समय मैं फैमिली प्रॉबलम्स का सामना कर रहा था. इसी दौरान तौसीफ, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने मुझे अपना धर्म अपनाने की सलाह दी. उनका दावा था कि ऐसा करने से मेरे पिता ठीक हो जाएंगे और उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म में कुछ खामियां हैं.  हालांकि, मैंने ये सब इग्नोर किया, लेकिन उसका नतीजा ये हुआ कि वे लोग मेरे काम की रिपोर्ट को खराब करते आगे बढ़ाने लगे. एक बाद इन लोगों ने ईद पर मुझे घर बुलाया, यहां नमाज टोपी पहनाकर मेरी फोटो खींच ली और एक ग्रुप में भेज दी. उन्होंने मुझे नमाज़ पढ़ने और मांस खाने के लिए भी मजबूर किया.

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उसने बताया मेरी पत्नी कंसीव नहीं कर पा रही थी इसपर तौसीफ और दानिश ने मुझसे कहा, "इलाज करवाने के बावजूद तुम्हारी पत्नी प्रेग्नेंट नहीं हुई. उसे मेरे पास भेज दो." इस पर हम दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके दौरान गुस्से में आकर तौसीफ ने मुझ पर एक टेबल फैन फेंक दिया और मुझे जान से मारने की धमकी दी. मैंने इस घटना की शिकायत एचआर की अश्विनी मैडम से भी की थी.

'ये लड़की वर्जिन नहीं है'

इसके अलावा उसने बताया कि, जब भी तौसीफ, दानिश शेख, शाहरुख शेख और रजा मेमन दफ्तर में इकट्ठा होते थे, तो वे महिला कर्मचारियों के बारे में अश्लील और अपमानजनक कमेंट करते थे, जैसे ये लड़की वर्जिन नहीं है. तुम्हें कौन पसंद है? इसे पटा लो.

इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में दावा किया गया था कि कंपनी में काम करने वाली एक हिंदू महिला रमजान के रोजे रख रही थी. इसी आधार पर पुलिस को शक हुआ और गुप्त जांच शुरू की गई, जो आगे चलकर बड़े खुलासे में बदल गई. जांच के तहत पुलिस ने महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कंपनी में तैनात किया, ताकि अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. इन अधिकारियों ने परिसर में हो रही गतिविधियों की करीब से निगरानी की और अहम सबूत जुटाए. जांच में यह भी सामने आया कि कुछ टीम लीडर अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे थे और कर्मचारियों को निशाना बनाकर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था. खुलासा होने पर सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया गया, जबकि निदा खान नाम की एक आरोपी अभी फरार बताई जा रही है.
 

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