मुंबई में बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है. बुधवार को यहां कब्जे हटाने के दौरान जमकर हंगामा हुआ. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद इलाके में पथराव होने लगा और लाठीचार्ज की स्थिति बन गई. इस हिंसक झड़प में कुल 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 6 पुलिसकर्मी और 4 प्रदर्शनकारी शामिल हैं.
रेलवे और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की 1.31 एकड़ जमीन को खाली कराने के लिए की जा रही है. करीब 5300 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है. रेलवे का दावा है कि इस जमीन पर करीब 500 अवैध ढांचे बने हुए थे, जिनमें से अब तक लगभग 85 प्रतिशत को हटाया जा चुका है.
धार्मिक ढांचा हटाने के बाद बढ़ा तनाव
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को कार्रवाई के दौरान एक धार्मिक ढांचे को भी हटाया गया, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया. कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई. प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस और रेलवे कर्मचारियों पर पथराव किया गया. जवाब में पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा.

स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को मौके पर तैनात किया गया. रेलवे और मुंबई पुलिस ने संयुक्त रूप से पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया. अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर करीब 1200 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि आगे किसी तरह की हिंसा न हो.
6 पुलिसकर्मी और 4 प्रदर्शनकारी घायल
पथराव और झड़प के दौरान 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए. घायल पुलिसकर्मियों की पहचान विपुल विजयकुमार कदम (39), मनीष भीमराव बच्छाव (44), जितेंद्र कुमार सतेंद्र (45), नवनाथ अन्ना मुद्गुल (45), ओंकार दीपक कोली (39) और चंद्रकांत धाम्बले (45) के रूप में हुई है. इनमें से जितेंद्र कुमार सतेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. बाकी पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.
वहीं प्रदर्शनकारियों में वैभव गीते (25), फिजान अनवज खान (22), ए. रशीद खान (17) और अंसार अली बेग (49) घायल हुए हैं. इनमें अंसार अली बेग को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है.
रातभर चली कार्रवाई, दो दिन और चलेगा अभियान
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का काम रात में भी जारी रहा. इसी वजह से अब तक करीब 85 प्रतिशत अवैध ढांचों को हटाया जा चुका है. रेलवे का कहना है कि इलाके में अब कोई धार्मिक ढांचा नहीं बचा है जिसे तोड़ा जाना हो, लेकिन कुछ झुग्गी निवासी अब भी मौके पर डटे हुए हैं.

रेलवे का अनुमान है कि पूरे अभियान को पूरा करने में अभी दो और दिन लग सकते हैं. अधिकारियों ने साफ किया कि अगले चरण की कार्रवाई भी पहले जैसी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ही की जाएगी.
वर्षों से लंबित थी कार्रवाई
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गरीब नगर क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे थे. इस वजह से रेलवे परियोजनाओं और स्टेशन विस्तार कार्यों में दिक्कत आ रही थी. कई बार नोटिस जारी करने और चेतावनी देने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई.
पश्चिम रेलवे के अनुसार, अतिक्रमण हटाने का उद्देश्य रेलवे की जमीन को खाली कराना और भविष्य की परियोजनाओं के लिए उसे सुरक्षित करना है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत चलाया जा रहा है.
पथराव मामले में FIR दर्ज
इस बीच बांद्रा पथराव मामले में मुंबई पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि 100 से 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.
मुंबई पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें सरकारी काम में बाधा डालने, हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने जैसी धाराएं शामिल हैं.
इसके अलावा पुलिस ने हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा 109 भी लगाई है. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने संबंधी अधिनियम की धारा 3 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.
इलाके में तैनात है भारी पुलिसबल
घटना के बाद पूरे गरीब नगर और बांद्रा ईस्ट इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया है. पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है और ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है. रेलवे और पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और सुरक्षा के साथ बाकी ढांचों को भी हटाया जाएगा.