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उद्धव ठाकरे के तेवर और तल्ख, कहा- बहुत उठा चुके पालकी, अब खुद बैठेंगे शिवसैनिक

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर गतिरोध जारी है. इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों को संबोधित करते हुए इशारों में कहा कि इस बार सरकार हम ही बनाएंगे. उन्होंने कहा, 'हम अब और पालकी के वाहक नहीं होंगे, इस बार इस पालकी पर शिवसैनिक बैठेगा.' विधायकों से बातचीत के बाद उद्धव अपनी पत्नी के साथ रिट्रीट होटल से रवाना हुए.

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 शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फोटो-PTI)
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फोटो-PTI)

  • महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा में खींचतान जारी
  • दोनों दलों ने अलग-अलग सुर अपनाया हुआ है

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर गतिरोध जारी है. इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों को संबोधित करते हुए इशारों में कहा कि इस बार सरकार हम ही बनाएंगे. उन्होंने कहा, 'हम अब और पालकी के वाहक नहीं होंगे, इस बार इस पालकी पर शिवसैनिक बैठेगा.' विधायकों से बातचीत के बाद उद्धव अपनी पत्नी के साथ रिट्रीट होटल से रवाना हुए.

महाराष्ट्र में शिवसेना ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में सरकार बनाने की इच्छा और संभावनाओं को तलाशने के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का प्रस्ताव स्वीकार करने की सलाह दी है.शिवसेना के सांसद संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हम राज्यपाल के निर्णय का स्वागत करते हैं..भाजपा दावा कर रही है कि उसके पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त विधायक हैं. उन्हें इसका फायदा उठाना चाहिए."

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शनिवार देर रात पिछली विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से मुश्किल से चार घंटे पहले राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. राज्यपाल ने हालांकि कोई समय निर्धारित नहीं किया है, लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि भाजपा जल्द से जल्द जवाब देने की कोशिश करेगी.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता माधव भंडारी ने बताया, "इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए पार्टी ने पहले ही प्रदेश कोर कमेटी की बैठक बुलाई है." उन्होंने कहा, "पार्टी बाद में प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल को उपयुक्त कदम उठाने और राज्यपाल से बात करने के लिए अधिकृत करेगी."

भाजपा के पास 105 विधायक हैं और उसका दावा है कि उसे कुछ निर्दलीय, छोटी पार्टियों के विधायकों का समर्थन हासिल है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि 288 सीटों वाली विधानसभा में क्या वह बहुमत के 145 के आंकड़े पर पहुंच सकती है या नहीं.

एक सवाल के जवाब में राउत ने कहा कि इसकी संभावना नहीं है कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त में सफल हो जाए या अन्य पार्टियों के विधायकों को अपने पाले में ले सके. उन्होंने कहा कि भाजपा के आत्मविश्वास से लगता है कि उनके पास बहुमत है. इसलिए उन्हें राज्यपाल का प्रस्ताव स्वीकार कर लेना चाहिए.

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दूसरी सबसे बड़ी पार्टी

अगर भाजपा सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत सिद्ध करने में असफल होती है तो राज्यपाल राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं.

(IANS के इनपुट के साथ)

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