महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों के बाद गजब की राजनीति देखने को मिल रही है, जहां धुर विरोधी पार्टियां सत्ता के लिए हाथ मिला रही हैं. इसी क्रम में बीजेपी के कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन करना की जानकारी सामने आई थी. हालांकि, बाद में इन दलों का गठबंधन टूट गया.
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने बुधवार को महाराष्ट्र में दो नगर परिषदों में बीजेपी द्वारा कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन करने तीखी आलोचना की है. राउत ने बीजेपी को दो सिर वाला केंचुआ करार दिया है और कहा कि इस घटना ने बीजेपी की दोहरी नीति को उजागर कर दिया है. वहीं, इस घटना पर आम आदमी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है. AAP ने इस घटना को पर्दे के पीछे सत्ता की साझेदारी करार दिया है.
AIMIM-कांग्रेस को मिल रहा है BJP का सपोर्ट
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद ने कहा, 'अकोट से अंबरनाथ तक बीजेपी का AIMIM और कांग्रेस को समर्थन मिल रहा है और कुछ मामलों में तो दोनों पक्षों को खुला समर्थन मिल रहा है. महाराष्ट्र में ये एक नया पैटर्न चल रहा है.'
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता हथियाने के लिए कुछ भी कर सकती है. राउत ने दावा किया कि मीरा-भायंदर नगर निगम चुनावों (15 जनवरी को) में भी भाजपा ने AIMIM को समर्थन दिया है.
शिवसेना (यूबीटी) के एक अन्य नेता सचिन अहीर ने दावा किया कि ये बीजेपी के दोहरे मापदंड को दिखाता है. सत्ता हथियाने के लिए वह (बीजेपी) कुछ भी करने को तैयार रहते हैं.
AAP ने भी साधा निशाना
इस राजनीतिक घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है. AAP का कहना है कि ये घटना बीजेपी-कांग्रेस की मिलीभगत को उजागर करती है. जनता के सामने विरोध का नाटक और पर्दे के पीछे सत्ता की साझेदारी यही पुरानी राजनीति का असली चेहरा है. आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी बीजेपी पर निशाना साधा है. केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा, 'अपने ही गठबंधन सहयोगी शिंदे सेना को हराने के लिए क्या बीजेपी ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया?'
केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल करते हुए कहा कि आखिर ये सब चल क्या रहा है और जनता को किस तरह की राजनीति दिखाई जा रही है.
इस मुद्दे पर AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने बीजेपी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पहले बीजेपी और कांग्रेस प्रेमी-प्रेमिका की तरह छुप-छुप कर मिलते थे, लेकिन अब उनका रिश्ता पूरी तरह सार्वजनिक हो चुका है. ढांडा ने सवाल किया कि क्या यह देश के लोगों की आंखों में धूल झोंकने जैसा नहीं है.
महाराष्ट्र में गजब का खेल
वहीं, पिछले महीने निकाय चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' के बैनर तले गठबंधन किया. इससे बीजेपी ने सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को साइड लाइन कर दिया गया जो 60 सदस्यीय परिषद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी (27 सीटें) थी. गठबंधन ने 31 सीटों की बहुमत हासिल कर बीजेपी की तेजश्री करंजुले को अध्यक्ष चुन लिया.
इसी तरह अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में भाजपा ने AIMIM समेत अन्य दलों के साथ गठबंधन कर 'अकोट विकास मंच' बनाया और बीजेपी की माया धुले को अध्यक्ष चुना गया. यहां बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत हासिल नहीं कर पाई.
सीएम ने दी चेतावनी
इन गठबंधनों से बड़ा विवाद खड़ा हो गया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस या AIMIM से कोई गठबंधन स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, 'मैं स्पष्ट कर रहा हूं कि कांग्रेस या AIMIM से गठबंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, अगर किसी स्थानीय नेता ने अपने स्तर पर ऐसा फैसला लिया तो ये अनुशासनहीनता है और कार्रवाई होगी.'
फडणवीस ने निर्देश दिए कि ऐसे गठबंधन तुरंत तोड़े जाएं। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं की यह पहल पार्टी की नीति के खिलाफ है.