महाराष्ट्र के लातूर जिले में भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल के प्रधानाध्यापक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB की टीम ने की.
एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी प्रधानाध्यापक ने स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगाने के नाम पर एक शिक्षक से रिश्वत की मांग की थी. बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापक ने शिक्षक से कुल 5,000 रुपये की मांग की थी.
शिकायतकर्ता शिक्षक ने बताया कि उसने पहले ही आरोपी को 2,000 रुपये दे दिए थे, लेकिन इसके बाद भी प्रधानाध्यापक शेष 3,000 रुपये देने के लिए लगातार दबाव बना रहा था. आरोप है कि वह शिक्षक के नियमित प्रशासनिक कार्यों में भी बाधा डाल रहा था, जिससे परेशान होकर शिक्षक ने एसीबी से शिकायत कर दी.
3000 की रिश्वत लेते आरोपी हेडमास्टर गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की जांच की और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया. बुधवार सुबह आरोपी प्रधानाध्यापक को उसके कार्यालय में ही 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया.
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
अधिकारियों के मुताबिक मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है.
एसीबी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को दें, ताकि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा सके.