NCP (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने अजित पवार गुट के साथ विलय की बातचीत को लेकर बड़ा खुलासा किया है. आजतक से बातचीत में पाटिल ने बताया कि दोनों गुटों के बीच पिछले मार्च से लगातार संवाद चल रहा था और इस दौरान करीब 10 बैठकें हुईं. इन बैठकों की अगुवाई खुद जयंत पाटिल कर रहे थे.
जयंत पाटिल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी पार्टी प्रमुख शरदचंद्र पवार को पहले ही दे दी थी. पाटिल के अनुसार, दोनों एनसीपी गुटों का विलय 12 फरवरी को जिला परिषद चुनाव के नतीजों के बाद प्रस्तावित था, लेकिन परिस्थितियां बदलने के कारण यह संभव नहीं हो सका.
सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह पर प्रतिक्रिया देते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि यह पूरी तरह उनकी पार्टी का आंतरिक फैसला है. उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने मिलकर यह निर्णय लिया होगा और इस पर टिप्पणी करना उन्हें उचित नहीं लगता.
मूल विचारधारा को आगे बढ़ाना चाहिए- पाटिल
बीजेपी द्वारा अजित पवार गुट पर नियंत्रण की चर्चाओं पर जयंत पाटिल ने कहा कि सुनेत्रा पवार के साथ जो नेता हैं, वे सभी शरद पवार की विचारधारा को मानने वाले हैं. अगर सभी एकजुट होते, तो पार्टी की मूल विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सकता था.
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मनसे प्रमुख राज ठाकरे के 'NCP जैसी मराठी मिट्टी पर बनी पार्टी का प्रेसिडेंट मराठी होना चाहिए' के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि राज ठाकरे हमेशा अपने विचार खुलकर रखते हैं और यह उनकी व्यक्तिगत राय है, जिस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.
जयंत पाटिल ने यह भी बताया कि सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह का उन्हें कोई निमंत्रण नहीं मिला था.कार्यक्रम सादा रखा गया था इसलिये हममेसें कोई उसमे शामिल नहीं हुआ था. उन्होंने कहा, 'परसों ही अजितदादा का देहांत हुआ हम लोग अभी सुतक में हैं, दुःख में है, तो इस वक्त मै इसपर कोई राजनीतिक टीपण्णी नहीं करुंगा.'