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महाराष्ट्र: डोंबिवली में स्कूल जा रही 7 साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों का हमला, CCTV में कैद

महाराष्ट्र के डोंबिवली के ऑर्किड सोसायटी में 10-15 आवारा कुत्तों ने एक सात साल की बच्ची पर हमला कर दिया. बच्ची सोसायटी से गुजर रही थी जब कुत्तों ने अचानक हमला किया. सुरक्षा गार्ड विकास पांडे के सुझबुझ से बच्ची बच गई, लेकिन वह मानसिक रूप से डर गई.

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डोंबिवली में बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले का CCTV फुटेज (Photo: ITG/ Mithlesh Gupta)
डोंबिवली में बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले का CCTV फुटेज (Photo: ITG/ Mithlesh Gupta)

महाराष्ट्र के डोंबिवली के खोणी पलावा इलाके स्थित ऑर्किड सोसायटी में आवारा कुत्तों की दहशत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सोमवार सुबह स्कूल जा रही 7 साल की मासूम बच्ची पर 10 से 15 आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया. गनीमत रही कि सोसायटी में तैनात सिक्योरिटी गार्ड की सूझबूझ से बच्ची की जान बच गई और एक बड़ी घटना टल गई.

तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली स्वर दत्तात्रेय निकम रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी. जैसे ही वह सोसायटी परिसर से गुजर रही थी, वहां पहले से झुंड बनाकर बैठे आवारा कुत्तों ने पीछे से उस पर हमला कर दिया. 

कुत्तों को अपनी ओर दौड़ता देख बच्ची घबरा गई और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगी, जिससे कुत्ते और अधिक आक्रामक हो गए और उसका पीछा करने लगे.

कुत्तों के हमले से डरकर बच्ची जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगी. उसकी आवाज सुनते ही वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड तुरंत मौके पर पहुंचा और लाठी की मदद से कुत्तों को भगाया. इसके बाद कुत्तों ने बच्ची का पीछा छोड़ दिया. इस घटना में बच्ची को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन वह मानसिक रूप से काफी डर गई.

यह भी पढ़ें: नोएडा में 5 साल के बच्चे पर टूट पड़े आवारा कुत्ते, लोगों ने दौड़कर बचाई जान, CCTV में कैद हुई घटना

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इस घटना के बाद सोसायटी और आसपास के परिसर में दहशत का माहौल है. नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. पलावा जैसे पॉश इलाके में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर रहिवासियों ने चिंता जताई है. लोगों ने कल्याण-डोंबिवली मनपा और स्थानीय प्रशासन से आवारा कुत्तों के मुद्दे पर तत्काल ठोस कार्रवाई करने की मांग की है.

सिक्योरिटी गार्ड विकास पांडे ने आजतक से बातचीत करते हुए बताया कि आज सुबह सात बजे मैं ड्यूटी पर था. बच्ची स्कूल जा रही थी, तभी अचानक चीखने-चिल्लाने की आवाज आई. देखा तो कुछ आवारा कुत्ते उस बच्ची के पीछे पड़े हुए थे. मैं तुरंत दौड़कर वहां पहुंचा, बच्ची को कुत्तों से दूर ले गया और उसके परिवार वालों को बुलाया. इस इलाके में पहले से ही आवारा कुत्तों का आतंक है. ये कुत्ते लोगों और गाड़ियों पर भी हमला करते हैं.

समाजसेवक महेश ठोंबरे ने कहा कि रोज़ की तरह बच्ची स्कूल जा रही थी, तभी कुछ कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया. सुरक्षा गार्ड की तत्परता से बच्ची की जान बच पाई. हमने कई बार ग्राम पंचायत और जिला परिषद से इस समस्या को लेकर मांग की, लेकिन अब तक आवारा कुत्तों का कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है. ग्राम पंचायत के पास इनके नियंत्रण के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है. इसलिए कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका को तुरंत ध्यान देना चाहिए और इलाके को आवारा कुत्तों से मुक्त करना चाहिए.

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सोसाइटी के सुपरवाइज़र तानाजी कोलेकर ने कहा कि आज सुबह बच्ची स्कूल जाने के लिए सोसायटी से बाहर निकली थी, तभी 10 से 15 कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया. हमारे सिक्योरिटी गार्ड ने दौड़कर बच्ची की जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. इस इलाके में करीब 100 से 150 आवारा कुत्ते हैं. इन सभी कुत्तों के लिए अलग व्यवस्था की जानी चाहिए, जहां इन्हें सुरक्षित तरीके से रखा जा सके. यही हमारी प्रशासन से मांग है.

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