भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कॉर्पोरेटर मंजूषा नागपुरे पुणे की मेयर के रूप में निर्विरोध चुनी गई हैं. पार्टी ने पिछले हफ़्ते 44 साल की मंजूषा को इस पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था. बिज़नेस मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से मज़बूत संबंध रखने वाली मंजूषा को चार बार की कॉर्पोरेटर वर्षा तापकीर और तीन बार की कॉर्पोरेटर मानसी देशपांडे जैसे सीनियर दावेदारों के ऊपर चुना गया.
मंजूषा हाल ही में हुए PMC चुनावों में सनसिटी-मानिकबाग वार्ड से निर्विरोध चुनी गईं. वे तीसरी बार कॉर्पोरेटर बनी हैं. पहली बार 2012 में सिंहगढ़ रोड पर आनंदनगर से चुनी गई थीं.
1979 में जन्मी मंजूषा नागपुरे ने साल 1999 में सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और 2021 में ICFAI यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की.
पुणे के लिए चुनावी वादे...
मंजूषा के पति, दीपक नागपुरे, बीजेपी के पदाधिकारी और दक्षिणपंथी नेता हैं. अपने कैंपेन के दौरान, मंजूषा नागपुरे ने सिग्नल सुधार करके और सड़कें चौड़ी करके पुणे की ट्रैफिक समस्याओं को हल करने का वादा किया है. उन्होंने सिंहगढ़ रोड पर बाढ़ वाले इलाकों में मुठा नदी के किनारे एक रिटेनिंग वॉल बनाने का भी प्रस्ताव दिया है.
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ट्रैफिक की समस्याओं के अलावा, मंजूषा ने अस्पतालों को बेहतर बनाने और नगर निगम स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का वादा किया है. वे पूरे शहर में कचरा फेंकने की समस्या से निपटने के लिए 'स्वच्छ वार्ड, सुंदर वार्ड' पहल शुरू करने की भी योजना बना रही हैं.
मंजूषा नागपुरे के पास कुल संपत्ति ₹3.22 करोड़ है. PMC के इतिहास में वे सबसे ज़्यादा पढ़ी-लिखी कॉर्पोरेटर्स में से एक हैं.