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फडणवीस जैसा कमाल नहीं कर सकेंगे उद्धव ठाकरे? महाराष्ट्र में सिर्फ दो CM इस मुकाम तक पहुंचे

Maharashtra Chief Ministers: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के सामने सरकार से लेकर पार्टी तक को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है. महाराष्ट्र के सियासी इतिहास में अब तक कुल 26 मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री वसंतराव नाइक और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस को छोड़कर कोई सीएम अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका. अब सवाल है कि क्या उद्धव ठाकरे अपनी कुर्सी बचा पाएंगे या नहीं?

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देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फडणवीस ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया
  • पवार चार बार सीएम बने, लेकिन पांच साल तक नहीं रहे
  • वसंतराव नाइक एकलौते सीएम, जिन्होंने रचा इतिहास

महाराष्ट्र में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे की बगावत ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की कुर्सी को महज हिला ही नहीं दिया बल्कि सत्ता से बेदखल करने की कगार पर ला दिया है. सीएम उद्धव ठाकरे तमाम कोशिशों से बाद शिवसेना में मची बगावत को संभाल नहीं सके. महाराष्ट्र की सियासत में पिछले पांच दशक में बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस को छोड़कर कोई भी मुख्यमंत्री अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका. वहीं, मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव ठाकरे का ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सियासी संकट मंडराने लगा है. 

बता दें कि महाराष्ट्र की सियासत में अभी तक कुल 19 मुख्यमंत्री बने हैं, जिनमें कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री वसंतराव नाइक और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने ही पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है. वहीं, शंकरराव चव्हाण और वसंतदादा पाटिल तीन-तीन बार सीएम रहे तो शरद पवार चार बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, लेकिन एक बार भी पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. 

देवेंद्र फडणवीस रहे पूरे पांच साल सीएम

साल 1972 के बाद से लेकर अब तक जितने भी नेता मुख्यमंत्री बने हैं, उसमें बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस ही एकलौते नेता हैं जो पांच साल तक सीएम की कुर्सी पर काबिज रहे. वो 2014 से 2019 तक सीएम रहे. 2019 के चुनाव में बीजेपी और शिवसेना मिलकर लड़ी, जिन्हें स्पष्ट बहुमत मिला था, लेकिन सीएम की कुर्सी को लेकर बीजेपी-शिवसेना तकरार के चलते गठबंधन टूट गया था. इस तरह से देवेंद्र फडणवीस दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने से महरूम रह गए थे. 

बीजेपी से अलग होने के बाद शिवसेना ने अपने वैचारिक विरोधी कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार का गठन किया और उद्धव ठाकरे सीएम बने गए थे. हालांकि, ढाई साल के बाद के बाद शिवसेना विधायकों की बगावत से उनकी कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है. उद्धव ठाकरे पहले मुख्यमंत्री नहीं हैं, जिनके सामने पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही संकट गहरा गया.   

बता दें कि महाराष्ट्र अलग राज्य के तौर पर 1960 में वजूद में आया. इससे पहले इसे बॉम्‍बे प्रदेश के नाम से जाना जाता था, जिसके तहत महाराष्ट्र और गुजरात दोनों राज्य इसका हिस्सा हुआ करते थे. लेकिन, साल 1960 में महाराष्ट्र और गुजरात दो अलग-अलग राज्य बने. 1960 से 2019 तक महाराष्ट्र में 26 मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली, लेकिन यशवंतराव नाइक और देवेंद्र फडणवीस के बाद कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया. 

पहले सीएम ने दो साल संभाली कुर्सी

महाराष्ट्र में यशवंतराव चव्हाण 1960 में पहले सीएम बने, जो 19 नवंबर 1962 तक रहे. इसके बाद मारोतराव कन्नमवार 1962 में सीएम बने, जो 24 नवंबर 1963 तक रहे. कांग्रेस के वसंतराव नाइक पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल ही नहीं पूरा किया बल्कि दूसरी बार सत्ता पर काबिज होकर इतिहास भी रचा. वसंतराव 1963 से 1967 तक सीएम रहे.1967 में दोबारा मुख्यमंत्री बने और अपना दूसरा कार्यकाल भी पूरा किया लेकिन तीसरी बार वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. 1975 में आपातकाल के दौरान उन्हें पद से हटाकर शंकरराव चव्हाण को महाराष्ट्र का सीएम बना दिया गया था.

माना जाता था कि शंकरराव चव्हाण इंदिरा गांधी के वफादारों में से एक थे, लेकिन आपातकाल हटने के बाद वसंतदादा पाटिल सीएम बन गए. हालांकि, शंकरराव चव्हाण तीन बार सीएम बने, 1975,1977 और 1986 में सीएम बने, लेकिन एक भी पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. वसंतदादा पाटिल महाराष्ट्र के दो बार सीएम बने, 1978 और 1983 में कमान संभाली थी. एक बार भी कार्यकाल पूरा नहीं कर सके.

शरद पवार चार बार रहे महाराष्ट्र के सीएम

शरद पवार चार बार महाराष्ट्र के सीएम बने, 1978, 1988, 1990 और 1993 में जिम्मेदारी संभाली. महाराष्ट्र के सबसे युवा मुख्यमंत्री बनने से से लेकर सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का खिताब भले ही शरद पवार के पास है, लेकिन पांच साल तक अपनी कुर्सी को वो नहीं चला सके. इसके बाद मुस्लिम सीएम के तौर पर अब्दुल रहमान अंतुले 9 जून 1980 में सीएम बने जो 12 जनवरी 1982 तक रहे.

1995 में मिला पहला गैर-कांग्रेस सीएम

बाबा साहेब भोसले 21 जनवरी 1982 को सीएम बने, जो 1 फरवरी 1983 तक रहे. शिवाजीराव पाटिल 3 जून 1985 को सीएम बने, जो 6 मार्च 1986 तक रहे. सुधाकरराव नाईक 1991 में सीएम बने जो 1993 तक रहे. वहीं, महाराष्ट्र में शिवसेना के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर मनोहर जोशी का नाम आता है. इस तरह से 1995 में राज्य को पहला गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री मिला. शिवसेना-भाजपा गठबंधन के तहत मनोहर जोशी 14 मार्च 1995 में सीएम बने, जो 31 जनवरी 1999 तक रहे और उसके बाद शिवसेना नेता नारायण राणे 1 फरवरी 1999 में बने, जो 17 अक्टूबर 1999 तक रहे.

पांच साल के बाद महाराष्ट्र में फिर सत्ता परिवर्तन हुआ. कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई और विलासराव देशमुख दो बार सीएम बने, पहली बार 1999 और दूसरी बार 2004 में सीएम रहे. ऐसे ही सुशील कुमार शिंदे 18 फरवरी 2003 में सीएम बने, जो 30 अक्टूबर 2004 तक रहे. अशोक चव्हाण दो बार सीएम बने, पहली बार 2009 में और दूसरी बार 2010 में सीएम बन.  पृथ्वीराज चव्हाण 11 नवंबर 2004 में सीएम बने, जो 26 सितंबर 2014 तक रहे, लेकिन कोई भी पांच साल पूरे नहीं कर पाया. 

महाराष्ट्र में बीजेपी को अपना पहला सीएम देवेंद्र फडणवीस के रूप में 2014 में मिला. फडणवीस दो बार सीएम बने, 2014 में पांच साल तक रहे और 2019 में 4 दिन के लिए सीएम बने. 1972 के बाद देवेंद्र फडणवीस पहले सीएम थे, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. इसके बाद दोबारा 2019 में सीएम पद की शपथ ली, लेकिन बहुमत साबित करने से पहले इस्तीफा दे दिया. इसके बाद उद्धव ठाकरे की ताजपोशी हुई. 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की फेहरिश्त में साल 2019 में उद्धव ठाकरे का नाम जुड़ा, जिन्होंने 28 नवंबर 2019 को शपथ ली थी. इस तरह से अभी तक उन्होंने ढाई साल सरकार चलाई, लेकिन अब उनके सामने संकट के बादल मंडराने लगे हैं. शिवसेना से बागी हुए एकनाथ शिंदे के साथ करीब 40 विधायकों के साथ होने का दावा किया जा रहा है. ऐसे में शिंदे अलग पार्टी तोड़ते हैं तो फिर उद्धव की कुर्सी जानी तय है. 

 
 

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