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'मुझे अगवा किया गया था', शिंदे गुट से वापस नागपुर लौटे शिवसेना विधायक नितिन देशमुख का दावा

शिवसेना विधायक नितिन देशमुख ने बताया कि वे सूरत से ही वापस नागपुर लौटना चाहते थे. लेकिन 100-200 पुलिसकर्मी उनके पीछे थे. इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया और उन्हें वापस नहीं आने दिया जा रहा था. नितिन देशमुख ने दावा किया कि मुझे हॉस्पिटल ले जाया गया था. ऐसा झूठ फैलाया गया है, कि मुझे अटैक आया है.

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नागपुर लौटे शिवसेना विधायक नितिन देशमुख नागपुर लौटे शिवसेना विधायक नितिन देशमुख
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शिंदे खेमे से वापस लौटे शिवसेना के विधायक नितिन देशमुख
  • देशमुख का दावा- उन्हें अगवा किया गया था

महाराष्ट्र में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि उनके साथ 46 विधायक हैं. हालांकि, इसी बीच उनके खेमे से शिवसेना के एक विधायक नागपुर लौट आए हैं. शिंदे खेमे से वापस लौटे शिवसेना विधायक नितिन देशमुख ने नागपुर पहुंचकर कहा कि उन्हें किडनैप किया गया था. और सूरत ले जाया गया था, जहां से वे लौटकर वापस आ गए हैं. उन्होंने कहा, वे बाला साहेब ठाकरे के सच्चे शिवसैनिक हैं और वे घर वापस आ गए हैं. नितिन अकोला जिले के बालापुर से शिवसेना विधायक हैं.

उन्होंने बताया कि वे सूरत से ही वापस नागपुर लौटना चाहते थे. लेकिन 100-200 पुलिसकर्मी उनके पीछे थे. इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया और उन्हें वापस नहीं आने दिया जा रहा था. नितिन देशमुख ने दावा किया कि मुझे हॉस्पिटल ले जाया गया था. ऐसा झूठ फैलाया गया है, कि मुझे अटैक आया है. लेकिन मै शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ हूं. 

नितिन देशमुख की पत्नी ने दर्ज कराई थी शिकायत

नितिन देशमुख उन विधायकों में शामिल थे, जो एकनाथ शिंदे के साथ मंगलवार को सूरत पहुंचे थे. हालांकि, नितिन देशमुख की पत्नी प्रांजली नितिन देशमुख ने अपने पति के लापता होने की शिकायत सिविल लाइन पुलिस थाने में दर्ज कराई थी. उन्होंने शिकायत में कहा था कि कल शाम जब चुनाव हुए और ट्रेन में बैठने से पहले उन्होंने मुझसे बात की कि वे अकोला के लिए निकल रहे हैं. लेकिन रात से कोई संपर्क नहीं हो पाया. उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ है. इसलिए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई गई है. 

राउत बोले- विधायक वापस आएंगे

शिवसेना सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मौजूदा हालातों को लेकर कहा कि जब इस प्रकार की स्थिति किसी राज्य में बनती है तो ये इतिहास है कि विधानसभा भंग की जाती है. महाराष्ट्र की स्थिति कुछ ऐसी ही बनी हुई है. मुझे विश्वास है कि शिवसेना के जो विधायक गुवाहाटी में बैठे हैं वो सोचेंगे और परिवार में वापस दाखिल होंगे. राउत ने कहा, जो भी करना है उसका निर्णय महाविकास अघाड़ी एक साथ लेगी, लेकिन जब तक विधायक मुंबई में नहीं आते हैं तब तक कोई निर्णय नहीं होगा. 
 

 

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